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Raksha Bandhan 2020: सोमवारीय पूर्णिमा पर बहनें बांधेंगी रक्षा का सूत्र, जानिए कब है शुभ मुहूर्त

Sun, 02 Aug 2020 03:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Raksha Bandhan 2020 - फोटो : अमर उजाला।
श्रावण पूर्णिमा पर पांचवां सोमवार पड़ने से इस बार रक्षा बंधन का महात्व विशेष हो गया है। शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की मौजूदगी इस त्योहार को और भी खास बना रही है। सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण इस रक्षाबंधन भाई और बहन दोनों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी और उनके बीच प्रेम बढ़ेगा। वहीं, आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षासूत्र को और मजबूत करने के साथ दोनों को दीर्घायु प्रदान करने वाला होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
ज्योतिषाचार्य पंडित जय प्रकाश द्विवेदी ने पंचांगों के अनुसार बताया कि सोमवार को सुबह छह बजकर 37 मिनट के बाद 28 योगों में सर्वश्रेष्ठ आयुष्मान योग विद्यमान रहेगा। सुबह सात बजकर 18 मिनट के बाद पश्चात श्रवण नक्षत्र आ जाएगा, जो सिद्धि योग का निर्माण करेगा।
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Raksha Bandhan 2020 - फोटो : अमर उजाला
सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर भद्रा भी समाप्त हो जाएगी। इस साल पर्व पर सिद्धि और आयुष्मान योग बन रहा है। इन शुभ योग में रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहनों की दीर्घायु, समृद्धि,सुख, सौभाग्य से परिपूर्ण रहेगा।

तीन अगस्त को भद्रा सुबह नौ बजकर 29 मिनट तक है। जिसके बाद राखी का त्योहार आरंभ हो जाएगा। दोपहर को एक बजकर 35 मिनट से लेकर शाम चार बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा व शुभ समय है। इसके बाद शाम को सात बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9.30 के बीच में बहुत अच्छा मुहूर्त है।

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raksha bandhan - फोटो : अमर उजाला।
यह है सर्वोत्तम मुहूर्त
- सुबह - 9.30 बजे से 10.30 बजे तक
- दोपहर - 1.30 बजे से शाम 7.30 बजे तक
- शाम - 7.30 बजे से रात 10.30 बजे तक
- रात 10.30 बजे से रात 12.00 बजे तक

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
राखी बांधते समय पढ़ें यह मंत्र
राखी बांधते समय बहनों को यह मंत्र पढ़ना चाहिए ताकि इसका शुभ परिणाम मिल सके। यह रक्षा सूत्र: अगर राखी बांधते समय बहनें रक्षा सूत्र पढ़ती हैं तो यह बेहद ही शुभ होता है। इस रक्षा सूत्र का वर्णन महाभारत में भी आता है।

ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
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