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तस्वीरों में देखिए, कैसे सजकर तैयार हो रहा है गोरखनाथ का खिचड़ी मेला

Sat, 28 Dec 2019 05:39 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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खिचड़ी मेले को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
मकरसंक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाला खिचड़ी मेला 14 जनवरी से शुरू होता है। उस दिन देश ही नहीं विदेश से भी लोग गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए अलग से ट्रेनें व बसें चलाई जाती हैं, पर इधर कुछ सालों से नव वर्ष के अवसर पर भी लाखों पर्यटकों की भीड़ गोरखनाथ मंदिर परिसर में होने लगी है। इस नाते मंदिर में लगने वाले खेल-तमाशा, झूला-चर्खी पहले ही तैयार कर लिए गए हैं। खाने-पीने का सामान भी बिकने लगा है।
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तैयैर होता झूला। - फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर में लगने वाला मेला एक महीने का होता है, पर वहां पर लोगों के आने का सिलसिला शिवरात्रि तक चलता है। शिवरात्रि के बाद वहां के दुकानदारों को जाने के लिए कहा जाने लगता है, पर बहुत से दुकानदार होली के आसपास तक मंदिर परिसर में रहते हैं। कुछ सालों से मंदिर में नव वर्ष की पूर्व संध्या से ही भीड़ जुटने लगी है।
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तेजी से चल रही हैं तैयारियां। - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी बताते हैं कि धार्मिक आस्था के लोग अपना नव वर्ष भगवान के दरबार में मनाते हैं। इस नाते नव वर्ष की पूर्व संध्या पर ही यहां पर भारी भीड़ हो जाती है। नव वर्ष पर मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। लोग गुरु गोरखनाथ सहित अन्य देवी देवताओं के दर्शन-पूजन करने के साथ ही मंदिर में भ्रमण करने के बाद मेले का आनंद उठाते हैं।

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खिचड़ी मेले का निकास द्वार। - फोटो : अमर उजाला

शुक्रवार को मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने मेला परिसर में लग रहे मनोरंजन के चर्खी-झूला, फोटो स्टूडियो, मौत का कुआं के संचालकों से तैयारियों की जानकारी ली। सभी ने कहा कि कुछ तैयार हो गया है जो बचा है वह नव वर्ष तक तैयार हो जाएगा। नव वर्ष पर भी उन लोगों की अच्छी खासी आमदनी हो जाती है।
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खिचड़ी मेला परिसर। - फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेले में सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग के लिए बल्लियां लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी का मेला एक महीने तक चलता है। मकरसंक्रांति के दिन भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर से लेकर बाहर तक चार लाइन में बैरिकेडिंग की जाती है। दो लाइन पुरुषों के लिए तथा दो लाइन महिलाओं के लिए होती है। मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि मेले से पहले मुकम्मल व्यवस्था के क्रम में अभी से बैरिकेडिंग के लिए बल्लियों को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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