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कार्तिक पूर्णिमा: नदियों के घाटों पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, अन्न और गौ दान कर लिया पुण्य का लाभ

Fri, 19 Nov 2021 06:53 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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गोरखपुर कार्तिक पूर्णिमा। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व शुक्रवार को आस्था व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने राप्ती सहित आसपास की नदियों में आस्था की डुबकी लगाई और दान-पुण्य किए।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण का व्रत रख कथा सुनी और गोदान किया। राजघाट पर मेले जैसा नजारा दिखा। भोर से ही श्रद्धालु राप्ती तट पर पहुंचने लगे थे। दोपहर तक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते रहे। जो श्रद्धालु नदियों में स्नान करने नहीं पहुंच सके उन्होंने घरों में स्नान कर पूजन-अर्चन करके दान-पुण्य किया।

 राजघाट पर नगर निगम की ओर से तैयारियां की गई थीं। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। अंधेरे में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए पर्याप्त लाइट की व्यवस्था की गई थी। दुकानदारों ने रात में ही घाट पर दुकानें सजा ली थीं। सुबह तक नदी के दोनों घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट गए। घाट के फुटपाथ पर सजी दुकानों से महिलाओं ने घरेलू सामान और बच्चों के लिए खिलौने खरीदे। वहीं चाट-पकौड़ों की दुकानें भी सजीं थीं। पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने चाट-पकौड़ों का जायका लिया। जिन श्रद्धालुओं ने कार्तिक मास में मां तुलसी के नीचे दीपक नहीं जलाया, उन्होंने दीप यज्ञ किया और जिन्होंने दाल का सेवन नहीं किया उन्होंने मंगलवार को व्रत का समापन किया।
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महराजगंज कार्तिक पूर्णिमा। - फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को नदियों के घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। त्रिमुहानी नदी घाट, सिसवा क्षेत्र के गंडक नदी के बेलवा घाट, मकुनही घाट, रास्ताजोर घाट, छितौनी घाट, घुघली गंडक नदी घाट के अलावा सभी छोटी-बड़ी नदियों के घाटों पर भोर से ही श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं ने स्नान कर अन्न और गोदान किया।

त्रिमुहानी घाट पर पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने तट पर लगे मेले में खरीदारी की। नदी के घाटों पर जनरेटर से लाइट की व्यवस्था की गई थी। घाटों पर भक्ति गीत बज रहे थे। रोहिन नदी के घाट पर भोर से लोगों की चहल-पहल बढ़ गई थी। लोगों ने स्नान कर गौ दान भी किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
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बस्ती कार्तिक पूर्णिमा। - फोटो : अमर उजाला।
बस्ती: भोर से ही जुटने लगा था श्रद्धालुओं का हुजूम
बस्ती जिले में कार्तिक पूर्णिमा पर जिले की विभिन्न नदियों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने अन्न व गोदान किया। विभिन्न स्थलों पर आयोजित मेले में लोगों ने जरूरत के सामान की खरीदारी की तो बच्चों ने मेले में मनोरंजन किया।

दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक शुक्रवार को भोर से ही क्षेत्र के शेरवा घाट, उनियार, कटरिया, टकटकवा घाट पर पहुंच कर श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाई। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के बिड़हर, मैंदी, नौरहनी व कुआनो नदी के लालगंज, शनिचरा, चहोड़े, महेश्वरपुर आदि घाटों पर स्नान दान के साथ अनुष्ठान भी किया। देईसांड़, बानपुर, सजहरा, मथौली, खरवनिया, पसड़ा, भरवलिया, बनकटी, गौरी, कोनी, पक्कवा बाजार, डेल्हापार आदि गांव के सरयू, कुआनो व मनवर नदी के घाटों पर भोर से ही श्रद्धालु पैदल, निजी अथवा भाड़े के वाहनों सेे घाट पर पहुंचने लगे। महिलाओं ने नदी के तट पर मां सरयू को कड़ाही भी चढ़ाया। तट पर लगे मेले व बानपुर में लगे मेले में जमकर खरीदारी की।

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देवरिया कार्तिक पूर्णिमा - फोटो : अमर उजाला।
देवरिया: कार्तिक पूर्णिमा स्नान
देवरिया जिले में कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर भोर से ही सरयू तट पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। जो क्रम देर शाम तक चलता रहा। स्नान पर्व पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाया। नदी तट पर जुटने वाली भीड़ से बरहज में मेले जैसा माहौल रहा। परिवार के साथ आए बच्चों ने भी जमकर मेले का आनंद उठाया।

शुक्रवार को भोर में करीब तीन बजे से सरयू नदी तट पर स्नानार्थियों के आने का क्रम शुरु हो गया। आस्थावानों ने नदी में डुबकी लगाने के साथ दान-पुण्य किया। मंदिरों में भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया था। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए वृहस्पतिवार को ही जनपद-गैर जनपद और बिहार आदि जगहों से लोग जुटने लगे थे। सूर्योदय होने से लेकर दोपहर बाद तक नदी घाट पर लोगों की भीड़ रही।

भीड़ उमड़ने से थाना मार्ग पर पैर रखने की जगह नहीं बची थी। जबकि दूर-दराज से जुटने वाली भीड़ से बाजार गुलजार रहे। लोगों को आकर्षित करने के लिए दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठानों को सजाए थे। सहूलियत को लेकर तहसील, पैना, लवरछी बाइपास के रास्ते से बड़े वाहनों के आने पर रोक थी। वहीं थाना मार्ग पर छोटे वाहनों पर भी पूर्णतया रोक थी। स्नान पर्व पर आई महिलाएं और युवतियां परिवार के साथ सेल्फी लेती देखी गईं। वहीं बच्चों ने मेले में लगे झूलों आदि का आनंद उठाया। देर शाम रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रेन के इंतजार में स्नानार्थियों की भीड़ रही।
 
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कुशीनगर कार्तिक पूर्णिमा। - फोटो : अमर उजाला।
बांसी नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
कुशीनगर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यूपी-बिहार की सीमा पर स्थित जिले के बांसी धाम पर शुक्रवार की भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसके बाद विधि-विधान से पूजा अर्चना कर गोदान किया। मेले में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक देखी गई। बृहस्पतिवार शाम से ही दूर-दराज से श्रद्धालु जुटने शुरू हो गए थे। स्नान के बाद बांसी नदी घाट के किनारे लगे मेले में लोगों ने खरीदारी की। मिठाई, खिलौनों और शृंगार की दुकानों पर खरीदारों की अधिक भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यूपी और बिहार पुलिस प्रशासन की तरफ से काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।

बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे से क्षेत्र के दूर-दराज से आए श्रद्धालु बांसी नदी के दोनों तटों पर पहुंचने लगे थे। शुक्रवार की भोर से ही नदी के दोनों तरफ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं के स्नान के बाद नदी से बाहर निकल और विधि-विधान से पूजन कर गोदान व पूजा अर्चना की गई। उसके बाद दान किया। बांसी मेले में बाहर से आए झूला, सर्कस, जादूगर आदि आकर्षण का केंद्र बने रहे। इसमें बच्चों एवं युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई।
 
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संतकबीरनगर कार्तिक पूर्णिमा। - फोटो : अमर उजाला।
संतकबीरनगर: गोदान, कथा सुन, मुंडन कराकर मन वांछित फल की कामना की
संतकबीरनगर जिले में सरयू नदी के विभिन्न तटों पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने गोता लगाकर पुण्य अर्जित किया। इस मौके पर नदी के तट पर लगने वाले मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। बिड़हर-उमरिया मार्ग पर जाम लग जाने के कारण लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। प्रशासन ने स्नान पर्व पर भारी मात्रा में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था।

कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर पवित्र सरयू नदी के बिड़हर, खड़कपुर, मैंदी, चहोड़ा, चाड़ीपुर के घाटो पर श्रद्धालुओं ने भोर में ही हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया। लोगों ने गोदान, कथा सुन, मुंडन करा कर मन वांछित फल की कामना की।

बिड़हर घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भोर होने के पहले ही लोग स्नान करना शुरू कर दिए। आठ बजते-बजते आलम यह हुआ कि उमरिया बाजार-बिड़हर घाट मार्ग पर पैदल और दो पहिया वाहनों के कारण जाम लग गया। जाम को हटवाने के लिए एसओ विनय कुमार पाठक समेत अन्य पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक घंटे से अधिक जाम के कारण महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

पुलिस ने किसी तरह से जाम को समाप्त कराया। सभी घाटों पर लगे मेले में महिलाएं व बच्चों समेत सभी लोगों ने खरीदारी की। खड़कपुर घाट पर भी काफी भीड़ लगी। यहां पर भी मेला लगा। बेलहर प्रतिनिधि के अनुसार राजघाट बाबा मोहकम दास मंदिर पर कार्तिक पूर्णिमा पर भव्य मेला लगा। श्रद्धालुओं ने आमी में स्नान के बाद पूजा-अर्चन किया। मेले में श्रद्धालुओं ने कढ़ाही चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। इस दौरान सुरक्षा को लेकर एसओ संतोष कुमार मिश्रा, एसआई सदरुल आलमीन पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैद रहे।
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दीपदान करते हुए युवती - फोटो : सोशल मीडिया
सिद्धार्थनगर : श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
 सिद्धार्थनगर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने नदियों व सागरों में आस्था की डुबकी लगाई। पूरे जिले में पर्व की धूम रही और घाटों पर भोर से ही भीड़ देखी गई। स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य और गोदान किया।

पर्व के मौके पर जिले से होकर बहने वाली राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, कूड़ा, घोघी, जमुआर आदि के घाटों पर शुक्रवार को भोर में ही श्रद्धालु पहुंच गए। यहां बनाए गए घाटों पर लोगों ने डुबकी लगाई। युवा वर्ग के साथ बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं में भी काफी उत्साह देखा गया। शहर के जुमाआर नदी पर तड़के ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने स्नान के बाद दान किया और कई लोग गोदान करते भी नजर आए। वहीं सबसे ज्यादा भीड़ जिले के बूढ़ी राप्ती नदी के ककरही घाट पर देखने को मिली।

यहां प्राचीन काल से ही आज के दिन लगने वाले मेले का इंतजार लोगों को पूरे वर्ष रहता है। घाट पर डुबकी लगाने के बाद लोगों ने मेले का आनंद लिया। क्षेत्र से भारी भीड़ जुटने की वजह से यहां सुरक्षा-व्यवस्था का खास ध्यान दिया गया। भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे। वहीं बांसी में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नगर के राप्ती नदी तट पर भोर से ही स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ पवित्र राप्ती नदी में डुबकी लगाई।

स्नान घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा और दुकानें भी लगाई गईं। श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी में स्नान करने के बाद दान-पुण्य और गोदान किया। लोगों की सुविधा को देखते हुए नगर पालिका स्नान घाट पर व्यापक व्यवस्था कराई गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के जवान ड्यूटी पर लगे रहे। नगर पालिका के चेयरमैन मो. इदरीश पटवारी, कर्मचारियों और सहयोगियों के साथ पूरे समय तक घाट पर मौजूद रहे। परसा क्षेत्र में भी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर लोगों ने पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-पाठ किया।


 
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