जापानी इंसेफेलाइटिस। (फाइल)
- फोटो : PTI
पिछले साल हाई ग्रेड फीवर के आए थे 1,228 मामले
पिछले हाई ग्रेड फीवर (तेज बुखार) के 1,228 मामले आए थे। इनमें 251 एईएस और 14 मरीज जेई के मिले थे। जबकि, एईएस के 15 मरीजों की मौत भी हुई थी। इसके बाद दस्तक अभियान में हाईग्रेड फीवर वाले मरीजों की जेई और एईएएस की जांच कराई जा रही है।
60 फीसदी स्क्रब टाइफस और 15 फीसदी लेप्टोस्पायरोसिस बन रहे कारण
जेई और एईएस के जो भी मरीज पूर्वांचल में मिल रहे हैं, उनमें 60 फीसदी कारण स्क्रब टाइफस हैं, जिसके वाहक चूहा व छछूंदर हैं। इसके अलावा 15 फीसदी कारण लेप्टोस्पायरोसिस के हैं, जिनके कारण कुत्ते, बिल्ली से पनपने वाले बैक्टीरिया हैं।