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भारत-नेपाल सीमा पर दिख रहा है नक्शा विवाद का असर, खेती के लिए नहीं मिल रहा खाद और बीज

Thu, 18 Jun 2020 01:04 PM IST
vivek shukla दिनेश जायसवाल, महराजगंज।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंधों पर सियासी तनातनी का असर दिख रहा है। सीमा विवाद से उत्पन्न गतिरोध को लेकर कइयों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। लॉकडाउन की वजह से पिछले तीन महीने से सीमा पर आवागमन बंद है। नेपाली सीमा में नेपाल शसस्त्र पुलिस और भारतीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान सख्ती बरत रहे हैं।
 
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज जिले में करीब 84 किलोमीटर लंबी भारत नेपाल की खुली सीमा है, जिसमें भारत की तरफ से एसएसबी 22वीं वाहिनी और 66वीं वाहिनी के 21 चेकपोस्ट हैं। सोनौली सीमा सहित अन्य सभी सीमाएं सील हैं। जिससे जो जहां है वहीं फंस गया है। लॉकडाउन के पूर्व सीमावर्ती नेपाल क्षेत्र के रहने वाले नेपाली नागरिक भारत से खेती करने की बात कर बीज और खाद आसानी से लेकर चले जाते थे। लेकिन इन दिनों चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। इस वर्ष नेपाल के तराई जिलों में खेती प्रभावित हुई है।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
क्षेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने बताया कि बार्डर पर सख्ती बरती जा रही है। सीमा सील है। सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस की पैनी नजर है। नियम का उल्लंघन करते हुए अगर कोई पकड़ा जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी। बेलहिया इंस्पेक्टर ईश्वरिय ने बताया कि इन दिनों बिना अनुमति के किसी को आने जाने की छूट नहीं है। अगर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करेगा तो उसे क्वारंटीन सेंटर भेजने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी।

 

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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
दो देशों के किसान बंटाई पर करते खेती
कई भारतीय सीमा के उसपार जाकर बंटाई पर खेती करते हैं। जिन किसानों ने लॉकडाउन से पूर्व खेती की थी, उन्हें फसल काटने तक की इजाजत नहीं मिली। कुछ दिन पूर्व सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर गांव के रास्ते कुछ ग्रामीण किसानों ने रात के अंधेरे में फसल काटने की कोशिश की तो नेपाल शसस्त्र पुलिस ने उन्हें भगा दिया। बातचीत की तो उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। क्वारंटीन होने के डर से किसान सीमा पार नहीं जा रहे हैं। नेपाल के किसान भी बंटाई पर खेती करते हैं। अब दोनों देशों के किसान एक दूसरे को बंटाई पर खेती देकर काम निकालने में लगे हैं।
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indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
इन क्षेत्रों में होती खेती
मर्चवार, रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, लुंबनी सीमावर्ती जिले में भारत के लोग खेती करते हैं। वहीं भारतीय भगवानपुर, बरगदवां, ठूठीबारी, खनुआ, डाली, खैराघाट, महुअवां, झुलनीपुर, लक्ष्मीपुर, भुजहवां समेत अन्य गांवों में नेपाल के लोग खेती करते हैं। इन सभी को अब परेशानी हो रही है। करीब 500 किसान इससे प्रभावित हो रहे हैं।
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