लोगों की भारी भीड़ को देखकर मुठ्ठीभर अंग्रेज अफसर घबरा गए और लोगों को वापस लौट जाने की चेतावनी देने लगे। लेकिन जब आजादी के दीवाने नहीं रुके तो उन पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में जानकी चौबे, जतन, मथुरा सिंह, धरीक्षण राय, रघुबीर, रामानंद, लुटावन सिंह, भोला, फेंकू भगत, भुईलोट और मंगला राय को गोली लगी। इसमें से कुछ ने मौके पर तो कुछ लोगों ने बाद में जान गंवा दी थी।