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नेपाल में सब्जियों के बढ़े दाम से फीका हुआ खाने का जायका, महंगाई की ये है बड़ी वजह

Sun, 19 Jul 2020 02:38 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल में सब्जियों का मूल्य बढ़ने से खाने का जायका फीका हो गया है। सब्जी खरीदने के लिए नेपाली नागरिकों की जेब ढ़ीली हो जा रही है। बीते पंद्रह दिन पहले एवं वर्तमान समय में सब्जी के भाव में जमीन आसमान का अंतर है। सरहद जांच में देरी एवं नेपाल में भारी बारिश होने के कारण सब्जियों के दाम में बढ़ोत्तरी होने की बात व्यापारी कह रहे हैं। इसका सीध असर जनता पर पड़ रहा है। वैसे ही इन दिनो कोरोना के वजह से भारत नेपाल सीमा सील है। जरूरी सामाग्री के वाहनो को छोड़ समान्य रूप से आवागम बंद है।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल के भैरहवां, बेलहिया, नवलपरासी, महेशपुर, बुटवल समेत अन्य बाजारो में सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। कालीमाटी फलफूल एवं तरकारी बाजार विकास समिति के अनुसार नेपाल में भारी बारिश के कारण सब्जियों के मूल्य बढ़ गए हैं। भारत से आने वाले सब्जियों को परीक्षण होने तक सरहद पर ही रोका जाता है। इससे देरी भी होती है। आने के दौरान कुछ सब्जियां खराब भी हो जाती हैं। भारतीय सब्जियां समय से नेपाली बाजारों में नहीं पहुंच पा रही हैं।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
उपभोक्ता हित संरक्षण मंच काठमांडू के अध्यक्ष ज्योति मद्धेशिया ने बताया कि नेपाल में सब्जियों के दाम में वृद्धि का कारण भारतीय सब्जियों के परीक्षण में देरी व नेपाल में ज्यादा तो केवल एक बहाना है। बिचौलियों द्वारा बाढ़ का बहाना बनाकर मौके का लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात में सब्जियों का कम उत्पादन होना स्वाभाविक है, पर मूल्यों में बेतहाशा बढोत्तरी केवल बिचौलियों के कारण ही है। उन्होंने बताया कि हरि मिर्च 250 रुपये किलो नेपाली मुद्रा की खुदरा बिक्री हो रही है। इसी तरह आलू 100 रुपये, नीबू 20 रुपये पीस, प्याज 80 रुपये, टमाटर 300 रुपये, परवर 200, करेला 100 रुपये सहित अन्य सभी प्रकार की हरि सब्जियां 100 रुपये से कम नहीं हैं। नेपाल में हुई भारी बारिश से स्थानीय सब्जियां नहीं आ पा रही हैं। इससे दाम में बढ़ोतरी हुई है।

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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
अरबों का होता है कारोबार
फल सब्जियों के व्यापारी सन्नी गुप्ता ने बताया कि नेपाल में भारत से ज्यादा फल सब्जियां आती हैं। सोनौली व बीरगंज के रास्ते सभी प्रक्रिया पूरी कर भारतीय ट्रक सामान लेकर नेपाल जाते हैं। नेपाल में केवल भारतीय फल-फूल, सब्जी का सालाना कारोबार अरबों रुपये के आसपास है।

 
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
प्रत्येक बाजार पर 20 लाख का टर्नओवर
भैरहवा के व्यापारी किशोर कुमार का कहना है कि नेपाल के भैरहवां में सब्जी का साप्ताहिक बाजार शनिवार और बुधवार को होता है। हर सप्ताह व्यापारी 20 लाख का टर्नओवर सोनौली बार्डर से करते हैं। बारिश होने के कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं।

15 दिन पहले कम था मूल्य
सब्जी व्यवसायी सेराज खान, महबूब, राम सूरत, विनय आदि ने बताया कि करीब 15 दिन पहले नेपाल के भैरहवा, बुटवल, नारायण घाट, काठमांडू और पोखरा में सब्जी का मूल्य कम था। जिसमे आलू 50 रुपए किलो नेपाली मुद्रा में बिक रहा था। प्याज 40, नीबू 5 रुपये पीस, करेला 30 रुपये , टमाटर 80 रुपये, परवर 80 सहित सभी सब्जियां 50 से 60 रुपए किलो में बिक रही है।
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