कोराना वैक्सीन की मिश्रित खुराक के बारे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को हालिया अध्ययन में बेहद असरदार परिणाम मिले हैं। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सिद्धार्थनगर जिले के जिन 18 लोगों को टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की गलती से दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन (कॉकटेल) कोविशील्ड और कोवाक्सिन लग गई है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी मिली है।
पहले चरण में लिए गए तीन अलग-अलग समूहों के नमूनों की जांच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे (एनवाईवी) से कराई गई तो उसमें कॉकटेल डोज लेने वालों के शरीर में कोई बदलाव नहीं दिखा है। हालांकि, इस रिपोर्ट के बाद अभी तीन अलग-अलग समूहों के दो बार और नमूने लेकर जांच की जानी है। इसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। इस प्रक्रिया में एक साल का समय लग सकता है। फिलहाल टीकाकरण में मिश्रित खुराक शामिल नहीं है।