कात्यायनी शुक्ला।
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हमारी संस्कृति से है हिंदी का जुड़ाव
धरमपुर के एलएफएस की छात्रा कात्यायनी शुक्ला ने बताया कि हिंदी भाषा का जुड़ाव हमारी सभ्यता और संस्कृति से है। जब तक इंसान इससे जुड़ा है, अपनी जड़ों से जुड़ा रहेगा। हिंदी में बात करने से किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा कम नहीं होती है। यह मान-सम्मान बढ़ाती है। हिंदी भाषा सरल है। इसके जरिये अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है। मातृभाषा को बच्चे जैसा प्यार, सम्मान देने की जरूरत है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। लिहाजा, बारहवीं कक्षा में 97 अंक हासिल कर अच्छा लगता है।