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PHOTOS: गोरखपुर में 21 दिन बाद झूमकर बरसे बदरा, अब लगा कि सावन आया है

Fri, 22 Jul 2022 09:53 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में दो दिनों से शहर के आसमान पर उमड़-घुमड़ रहे बादल गुरुवार को खूब बरसे। क्या शहर, क्या देहात, कोई क्षेत्र नहीं बचा जहां बारिश ने तासीर को तर न कर दिया हो। संजीवनी बनकर बरसी बारिश ने जहां किसानों की चिंता को कुछ हद तक कम कर दिया। वहीं, इस बारिश से लोगों की पसीने की बारिश थम गई। ऐसे में लोगों के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा... अब लगा कि सावन है।

गुरुवार सुबह से शाम पांच बजे तक शहर में 45 मिमी वर्षा दर्ज की गई जो सूखे जैसे हालात में धान की फसल के लिए काफी बेहतर है। वहीं बारिश से तापमान में भी काफी गिरावट आ गई। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मात्र तीन डिग्री का फर्क रह गया। अधिकतम तापमान कम होकर 28.2 डिग्री रह गया, जो कि सामान्य अधिकतम तापमान से पांच डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य न्यूनतम तापमान से एक डिग्री कम रहा। दिनभर चली पुरुवा हवाओं ने लोगों को काफी सुकून दिया।

 
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में मानसून का आगमन 20 जून से माना जाता है। लेकिन इस बार के मानसून ने अब तक शहरियों और ग्रामीणों, दोनों को मायूस कर रखा था। 29 जून को मौसम बना और एक दिन में ही 111 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद से सूखे जैसे हालात हो गए। 29 जून के बाद 21 दिनों तक कुछ जगहों पर बौछार ही पड़ कर रह गई। अंतत: गुरुवार को बारिश ने सावन होने का अहसास दिलाया। जिले में सबसे ज्यादा बारिश गोरखपुर शहर में ही दर्ज की गई है।

 
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।

तहसीलवार हुई बारिश

सदर       45 मिलीमीटर
सहजनवां    12 मिलीमीटर
गोला    18 मिलीमीटर
खजनी    16 मिलीमीटर
कैंपियरगंज    02 मिलीमीटर
चौरीचौरा    13 मिलीमीटर

देर से आए, फिर भी दुरुस्त नहीं कर पाए
कहते हैं देर आए, दुरुस्त आए। लेकिन, मानसून की देरी का शहर के अधिकारी कोई लाभ नहीं उठा पाए। गुरुवार को बारिश हुई तो शहर के कई क्षेत्रों में हुए जलभराव ने उनके दावों की पोल खोल दी। लंबे समय से तैयारी की जा रही थी कि इस बारिश शहर में जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा। बारिश हुई तो जलभराव भी हुआ। निचले इलाकों दाउदपुर, जिला अस्पताल, बुद्ध नगर रुस्तमपुर, एचपी स्कूल के पास सिविल लाइंस, रेती चौक समेत कई इलाकों से पानी निकलने में एक से तीन घंटे तक लग गए।

 

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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।

नगर आयुक्त के नेतृत्व में दिनभर दौड़ती रही टीम

नगर आयुक्त अविनाश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव को दूर करने के लिए पूरे दिन दौड़ती रही। सफाई कर्मचारी लगातार चोक नाले-नालियों को खोलते रहे। इस वजह से नालियों में पानी का बहाव लगातार बना रहा। नगर आयुक्त ने बताया कि असुरन, नेताजी सुभाषचंद्र बोस नगर, सरस्वतीपुर, बड़े काजीपुर, मेडिकल कॉलेज, शक्तिनगर, बशारतपुर, रामजानकी नगर, रुस्तमपुर, ट्रांसपोर्ट नगर, बरगदवां, शताब्दीपुरम एवं करीमनगर में नाले-नालियों नाले की सफाई का कार्य किया गया। नाला सफाई का कार्य लगातार कराए जाने के कारण वर्षा का पानी नालों के रास्ते निकल गया, जिससें जगह-जगह जलभराव की स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रह सकी।
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।

पंपिंग स्टेशनों का किया निरीक्षण

नगर आयुक्त ने बारिश को ध्यान में रखते हुए असुरन चौराहा से एचएन सिंह चौराहा होते हुए एल्युमिनियम फैक्ट्री, हड़हवा फाटक, हुमायूंपुर, गंगेज, तिवारी हाता, विजय चौराहा, कचहरी चौराहा, शास्त्री चौक, भगत सिंह चौराहा, नार्मल तिराहा, प्रेमचंद पार्क होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर होकर कटनियां बंधे पर स्थापित पंपिंग स्टेशन, फिर वापस अमरूदमंडी से मुड़कर हर्बर्ट बंधे पर बाढ़ सुरक्षा के लिए स्थापित महेवा ट्रांसपोर्टनगर पंपिंग स्टेशन, हांसूपुर पंपिंग स्टेशन, घसियारी पंपिंग स्टेशन, नरकटिया पंपिंग स्टेशन, मिर्जापुर पंपिंग स्टेशन, इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन एवं डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त ने कटनियां बंधे पर स्थापित पंपिंग स्टेशन के निरीक्षण के समय पंपिंग स्टेशन चालू था। निरीक्षण के दौरान डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन के पास कटी हुई सड़क को ठीक कराने के लिए अवर अभियंता जलकल एवं अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया। डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन के निरीक्षण में छत से पानी टपकता मिलने पर अवर अभियंता जलकल को छत की मरम्मत के अलावा वायरिंग कराने को कहा।
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