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गोरखपुर: बिना चलाए ही हैंडपंप और बोरिंग फेंक रहे पानी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Thu, 02 Sep 2021 05:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

नौसढ़ क्षेत्र में भी एकला बांध के दूसरे तरफ हैंडपंप, बोरिंग से स्वत: निकल रहा पानी
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में राप्ती नदी के किनारे बसे पथरा, चपरा और कठउर गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। महेवा से कठउर की तरफ जाने वाली सड़क पर एक तरफ नदी का पानी भरा है। कई दिन से जमा पानी सीपेज के कारण सड़क के दूसरी तरफ बसे गांवों में भरने लगा है। पथरा गांव के सामने गुरुवार की सुबह सीपेज के चलते अफरा-तफरी मच गई। कठउर गांव में सड़क के बगल में बने घरों में सीपेज के चलते फर्श पर पानी बह रहा है। यहां हैंडपंपों से स्वत: ही पानी गिर रहा है। यही हाल नौसढ़ इलाके का भी है।

राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। पिछले पांच दिन से बांध पर नदी के पानी का दबाव बना हुआ है। नदी के किनारे बसे शहरी इलाके के अलावा गांवों में भी कहीं-कहीं आठ से दस फिट तक पानी लगा हुआ है। महेवा से कठउर जाने वाली सड़क आबादी के लिए बांध का काम करती है। इस सड़क के एक किनारे नदी का पानी भरा हुआ है। लगातार कई दिन से जमा इस पानी के चलते कुछ जगहों पर रिसाव होने लगा है।

 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गुरुवार की सुबह पथरा गांव के सामने तेजी से रिसाव की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। नदी की तरफ बसे चपरा व कठउर गांव में स्थिति ज्यादे खराब है। यहां घरों में कहीं घुटने भर तो कहीं कमर भर पानी भरा हुआ है।



 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
लोग छतों पर या फिर सड़क के किनारे शरण लिए हुए हैं। कठउर गांव निवासी विनोद, जगरानी, बसंत आदि ने बताया कि सड़क के दूसरी तरफ बाढ़ का पानी भरा होने के चलते उनके घरों में भी रिसाव हो रहा है। इस गांव के प्राथमिक विद्यालय में बरामदे की ऊंचाई तक पानी भरा हुआ है। गांव के कई घरों में हैंडपंप से स्वत: ही पानी गिर रहा है।
 

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
यही हाल नदी के पश्चिम-दक्षिण तरफ बसे नौसढ़ क्षेत्र में भी है। नदी का जलस्तर बांध की ऊंचाई के बराबर पहुंच जाने के चलते लोग सहमे हुए हैं। एकला बांध के किनारे जो क्षेत्र अभी बाढ़ से बचे हैं वहां भी हैंडपंप व बोरिंग से स्वत: पानी बाहर गिर रहा है। लोग सड़क से घर तक जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीण बृजेश, मनमोहन, रामनक्षत्र, कोकिला, महेश आदि का कहना है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से उन लोगों की मदद के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार।
गोरखपुर जिले की राप्ती नदी 23 साल पहले के जल तांडव की तरफ बढ़ गई है। शहर से होकर गुजरने वाली इस नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.23 मीटर ऊपर पहुंच गया है। यदि 33 सेंटीमीटर जलस्तर और बढ़ गया तो बांधों के कटने का खतरा रहेगा। साल 1998 में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.56 मीटर ऊपर पहुंचा था तो बाढ़ ने तबाही मचाई थी।
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