केंद्रीय प्राधिकरण की तरफ से सभी शेड्यूल के जानवरों को लाए जाने की अनुमति मिलने के बाद गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान में विनोद वन, लखनऊ और कानपुर चिड़ियाघर से वन्य जीवों को लाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
विनोद वन से लाए जाने वालों वन्य जीवों हिरण, मोर व अन्य जीवों के लिए पिंजरे मंगवा लिए गए हैं। बाकि जो वन्य जीव पिंजरे में नहीं आ सकेंगे उन्हें बेहोश कर पशु चिकित्साधिकारियों की निगरानी में प्राणि उद्यान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में लखनऊ तथा कानपुर चिड़ियाघर से वन्यजीव लाए जाएंगे।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
अलग-अलग जगह से वन्य जीवों को प्राणि उद्यान में लाए जाने पर उन्हें सबसे पहले 14 दिन और 21 दिन तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें बाड़ों में भेजा जाएगा। इस समय विनोद वन में तीन नर और सात मादा चीतल हैं। इसके अलावा दो हॉक डियर, 20 रोज पिंग पैराकिट्स, सात मोर, चार पाइथन हैं। यहां के कुल 40 वन्य जीवों को सबसे पहले लाया जाएगा।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि हमारी तरफ से कोशिश रहेगी कि सभी जीवों को पिंजरे में रखकर उन्हें खिलाते-पिलाते यहां तक लाया जाए। जिससे जानवरों को लगे न कि वो कहीं और जा रहे हैं।
पशु चिकित्सक ने बताया जो वन्यजीव पिंजरे में नहीं आ पाएंगे उन्हें मजबूरन डॉक्टरों की टीम की निगरानी में बेहोश कर चिड़ियाघर में लाया जाएगा। कहा कि हालांकि उनका प्रयास है कि अगले सप्ताह से ही वन्य जीवों को यहां लाए जाना शुरू कर दिया जाए। जिससे क्वारंटीन के बाद उन्हें बाड़ों में भेजा जा सके।