मई महीने में हुई प्री मानसून बारिश ने कई रिकार्ड बनाए। जहां मई अब तक 207 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों में दर्ज 117 वर्षों के दौरान सर्वाधिक है। इससे पहले मई महीने में सर्वाधिक बारिश 2002 में 142 मिलीमीटर दर्ज की गई थी। वहीं तकरीबन 73 वर्ष पहले 1938 में यह आंकड़ा 139.9 मिलीमीटर दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही मौसम भी साफ होता चला गया। आकाश में सूरज छाए रहने की वजह से गुरुवार की तुलना में तापमान में करीब पांच सेंटीग्रेट की बढ़ोतरी हो गई और पारा 29.2 डिग्री दर्ज किया गया। लेकिन सुबह तक इतनी बारिश हो चुकी थी जितनी मई महीने में पिछले 119 वर्षों के दौरान नहीं हुई है।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग से दर्ज आंकड़ों के अनुसार कभी इतनी बारिश नहीं हुई है। सिर्फ गोरखपुर ही नहीं देश के कई इलाकों में मई में हुई इस बारिश ने रिकार्ड तोड़ दिया है।
शहर में कुछ जगहों पर जलभराव, किसानों के लिए काफी फायदेमंद
सुबह झमाझम बारिश के बाद आकाश पूरी तरह से साफ हो गया। सुबह की बारिश की वजह से शहर के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया, लेकिन कुछ ही देर में पानी निकल गया। वहीं यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद है।
कृषि विशेषज्ञ अजय सिंह का कहना है कि यह बारिश खेती के लिए काफी फायदेमंद है। किसान अब अपनी नर्सरी लगा सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले कुछ समय में अब बारिश की संभावना बहुत ज्यादा नहीं है।