गोरखपुर के शाहपुर इलाके में पिता-पुत्र की मौत के बाद कोई नहीं आया। नशे की लत ने हंसता-खेलता परिवार बिखेर दिया। पति की मौत के बाद भी पत्नी और बच्चे नहीं आए।
गोरखपुर के शाहपुर इलाके के पादरी बाजार स्थित बैंक कॉलोनी में हंसते-खेलते परिवार को नशे की लत ने बर्बाद कर दिया। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सेवानिवृत्त रेलकर्मी अवधेश शर्मा (85) का छोटा बेटा अश्वनी शर्मा (45) हमेशा शराब के नशे में डूबा रहता था। शराब के नशे में पिटाई से तंग आकर पत्नी ने अश्वनी से दूरी बना ली। इन आदतों से बिगड़े हालात का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मौत होने पर भी पत्नी घर नहीं आई।
तीन साल पहले वह गुजरात के सूरत में पत्नी और बच्चों को छोड़कर पिता के पास आ गया। यहां भी रोज-रोज शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा करने लगा, जिससे आजिज आकर परिजनों और अन्य लोगों ने दूरी बना ली। धीरे-धीरे रेलवे के सेवानिवृत्त पार्सल अधीक्षक का परिवार बिखरने लगा। इसके बाद यह घटना हो गई।
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कमरे में मिले बाप-बेटे के शव
- फोटो : अमर उजाला
काॅलोनी के लोगों ने बताया कि रेलकर्मी का कभी हंसता-खेलता परिवार था। घर में बच्चे खेलते थे, हमेशा चहल-पहल रहती थी। अचानक इस घर की खुशियों को ऐसी नजर लगी कि पहले रेलकर्मी कैंसर की चपेट में आ गए। इसके बाद छोटे बेटे के शराब पीने और लड़ने की आदत से आसपास के लोगों ने भी दूरी बनानी शुरू कर दी।
काॅलोनीवासियों का कहना है कि कुछ साल तक जब वह सूरत में रहा तो घर में शांति रही, लेकिन वहां से आए दिन पत्नी और बच्चों को मारने-पीटने की शिकायत आती थी। एक दिन उन्हें भी छोड़कर आ गया। यहां आने पर बड़े भाई अरविंद ने उसकी आदतों से परेशान होकर अपना परिवार अलग कर लिया, लेकिन पिता ने छोटे बेटे का साथ नहीं छोड़ा। पिता की पेंशन का सारा पैसा अश्वनी ही इस्तेमाल करता था।
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कमरे में मिले बाप-बेटे के शव
- फोटो : अमर उजाला
नशे और पेंशन में हिस्सा न देने से नाराज था भाई
अश्वनी पिता का एटीएम कार्ड हमेशा अपने पास ही रखता था। पेंशन से पिता की बीमारी का इलाज तो होता ही था, इसके साथ ही अश्वनी अपने शौक भी उन्हीं पैसों से पूरी करता था। रोजाना नशा करता था। प्रतिदिन शराब खरीदकर लाता था। रात के समय खाने में ऑनलाइन पिज्जा जरूर मंगाता था। छोटे भाई की आदतों और पिता की पेंशन में हिस्सा नहीं मिलने से बड़ा भाई नाराज रहता था। वह कभी छोटे भाई से बात नहीं करता था। कभी-कभी पिता का हाल जरूर ले लिया करता था।
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अश्वनी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ससुर नाराज, नहीं आए पत्नी और बच्चे
अश्वनी की पत्नी और बच्चे सूरत में रहते हैं। उसकी मौत के बाद उन्हें बुलाने के लिए शाहपुर पुलिस ने अश्वनी के बंगाल में रहने वाले ससुर आरकेएन शर्मा से संपर्क किया। ससुर ने बताया कि अश्वनी उनकी बेटी और उसके बच्चों को शराब पीकर मारता-पीटता था। करीब तीन साल पहले बेटी को इतना पीटा कि उसका पैर टूट गया। उन्होंने घर जाकर इलाज कराया था। अभी भी पैर का इलाज चलता है। बेटी किसी तरह एक स्कूल में पढ़ाकर बच्चों का पढ़ा-लिखा रही है। तीन साल पहले अश्वनी के जाने के बाद बेटी का घर भी बदल दिया, इसका पता अश्वनी या उसके परिवार में किसी को नहीं है। हमलोगों ने अश्वनी से पहले ही दूरी बना ली थी। अब उसके मरने पर भी उसकी पत्नी और उसके बच्चे उसे देखना नहीं चाहते हैं, इसलिए कोई वहां नहीं गया।
फॉरेंसिक लैब भेजा गया विसरा
शाहपुर इलाके के बैंक कॉलोनी में रविवार की सुबह सेवानिवृत्त रेलकर्मी अवधेश शर्मा और उनके बेटे अश्वनी शर्मा का कमरे में शव मिला। पिता का सोफे पर और बेटे का शव बेड पर पड़ा था। सुबह नौकरानी झाड़ू-पोछा और खाना बनाने पहुंची तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद बड़े बेटे अरविंद को सूचना दी। सूचना पर पहुंची शाहपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। इसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व कर उसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद पिता-पुत्र की मौत के रहस्य से पर्दा उठेगा।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से विसरा प्रिजर्व किया गया है। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह सामने आ जाएगी।-रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ