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UP: 'दुनिया के लिए मैं हत्यारा... लेकिन अब मिल रहा सुकून', 'कातिल पति' ने जेल में सुबह की कसरत, फिर कही ये बात

Sun, 07 Sep 2025 03:39 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में ममता हत्याकांड में जेल में कैद आरोपी पति विश्वकर्मा का अंदाज बदला हुआ है। जेल के क्वारंटीन सेल में बंद विश्वकर्मा ने सुबह कसरत की। इसके बाद बोला कि दुनिया के लिए मैं हत्यारा हूं, लेकिन अब सुकून मिल रहा है।
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gorakhpur murder - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर में पत्नी ममता की हत्या में जेल गए विश्वकर्मा चौहान ने शनिवार सुबह कसरत (पुशअप) की। बैरक नंबर 16 में बंद विश्वकर्मा बंदियों से जल्द ही खुल मिल गया। जेल में उसकी दिनचर्या और व्यवहार को लेकर जेल प्रशासन ने बातें साझा कीं।

जेलर अरुण कुमार ने बताया कि बातचीत में उसने कहा कि दुनिया भले ही हत्या कहे लेकिन अब सुकून मिल रहा है। पत्नी ममता की वजह से लंबे समय से तनाव में था। उसका चेहरा हर वक्त आंखों के सामने घूमता था। नींद भी नहीं आती थी। अब जेल में मन शांत लग रहा है।
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आरोपी पति और ममता का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नए कैदियों के साथ विश्वकर्मा को क्वारंटीन सेल के बैरक नंबर 16 में रखा गया है। जेल पहुंचते ही विश्वकर्मा ने आम कैदियों की तरह खुद को ढालना शुरू कर दिया। वह बाकी बंदियों से घुलमिल गया है और उनके साथ बातचीत व मजाक करता देखा गया। सुबह-सुबह पुशअप लगाते हुए दिखाई दिया।
 
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हत्यारोपी पति विश्वकर्मा पुलिस की गिरफ्त में - फोटो : पुलिस
ममता के ससुर के बदले सुर
जेल में बंद विश्वकर्मा के पिता नोखई चौहान जो हत्याकांड के बाद बेटे विश्वकर्मा के कर्मों पर शर्मिंदा थे, उन्होंने शनिवार को अपना सुर बदल दिया। उनका कहना है कि बेटे ने गलत किया है, लेकिन बहू ममता स्वभाव भी ठीक नहीं था। ममता नौकरी करती थी और अक्सर देर रात घर लौटती थी। घर आने के बाद वह विश्वकर्मा से झगड़ा करती थी।

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घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हम लोगों की बात भी नहीं मानती थी। नोखई चौहान के अनुसार, तलाक की प्रक्रिया के दौरान ममता ने शर्त रखी थी कि पहले मुक्ति के पालन पोषण के लिए उसे खर्चा दिया जाए, तभी वह तलाक के कागजात पर दस्तखत करेगी। उनका कहना है कि इसी तनाव और आवेश में आकर विश्वकर्मा ने यह कदम उठाया।
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घटनास्थल पर मामा के साथ आई ममता की बेटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माहौल में गहरी खामोशी
ममता की हत्या ने न सिर्फ उसके मायके और ससुराल, बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लोग इस घटना को अविश्वास की नजर से देख रहे हैं। जहां एक ओर बेटी और रिश्तेदार ममता को याद कर आंसू बहा रहे हैं, वहीं जेल की दीवारों के भीतर उसका हत्यारा पति अब सुकून की बात कर रहा है।
 
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महिला की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माता-पिता के विवाद के चलते बच्चों का भविष्य हो रहा बर्बाद
पारिवारिक विवाद और टूटते रिश्तों की सबसे बड़ी कीमत मासूम बच्चे चुका रहे हैं। माता-पिता के झगड़ों और अलगाव का असर बच्चों की मानसिकता और भविष्य पर गहरा पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में बच्चे न सिर्फ पढ़ाई और करियर में पिछड़ जाते हैं, बल्कि अवसाद (डिप्रेशन) और आत्मग्लानि का भी शिकार हो सकते हैं।

 
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आरोपी पति और महिला की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाल ही में शाहपुर इलाके में विश्वकर्मा चौहान ने पत्नी ममता की गोली मारकर हत्या कर दी। उनकी 15 साल की एक बेटी भी है। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद वह बेसहारा हो गई है। उसे ननिहाल के लोग साथ ले गए हैं लेकिन इस घटना ने उसके दिमाग पर गहरा असर किया है। अक्सर वह उस रात को याद कर सहम जा रही है जब पिता ने मां को गोली मार दी थी। साथ ही माता-पिता के झगड़ों को वह भुला नहीं पा रही।

 

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घायल को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि माता-पिता के विवाद का बच्चों पर सीधा असर पड़ता है। बच्चों का आत्मविश्वास टूट जाता है। वे यह सोचने लगते हैं कि उनकी वजह से परिवार टूटा है। समाज और रिश्तेदार बार-बार घटना को याद दिलाकर उनकी पीड़ा को और गहरा कर देते हैं। यही वजह है कि कई बच्चे अवसाद और चिंता से जूझने लगते हैं।
 

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इसी स्टूडियो के बाहर महिला की हत्या की गई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटे के सामने कर दी थी मां की हत्या
जुलाई 2025 में उरुवा थाना क्षेत्र में रवि प्रकाश ने सीलबट्टे से कूचकर शिक्षिका पत्नी आशा की हत्या कर दी थी। घटना के चश्मदीद गवाह उज्ज्वल का पुलिस ने बयान दर्ज किया था। उसने बताया कि पिता आए दिन रुपये को लेकर मां को मारता-पीटता था। मां से आधा वेतन मांग रहा था। नहीं देने पर उसके सामने ही मां को सीलबट्टे से कूचकर मार डाला था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। घटना की जानकारी होने पर उज्ज्वल प्रताप को ननिहाल के लोग साथ ले गए थे।

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Gorakhpur murder - फोटो : अमर उजाला
नानी के घर पल रहा बेटा
एम्स इलाके में पति-पत्नी के बीच हमेशा विवाद होता है। जून 2024 में पत्नी ने तीन साल के बच्चे को नानी के पास छोड़ दिया था। नानी उसकी देखभाल करती हैं। इधर, महिला अपने पति के साथ रहती है और हर दिन दोनों के बीच झगड़ा भी होता रहता है। वह अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए घर लेकर आई थी, तब पति से झगड़ा शुरू हो गया। मामला थाने तक पहुंचा और बच्चा फिर नानी के घर भेजना पड़ा था।

 

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gorakhpur murder - फोटो : अमर उजाला
घटनाओं को याद दिलाता रहता है समाज
मनोवैज्ञानिक डॉ. विस्मिता पालीवाल कहती हैं कि माता-पिता के विवाद से प्रभावित बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत रहती है। कई बार वह ऐसे हादसों से निकलकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और सफल भी होते हैं। मगर अक्सर समाज उन्हें उस खौफनाक मंजर को याद दिलाता रहता है। इससे उनके दिमाग में एक धारणा बन जाती है और वह उससे उबर नहीं पाते। इससे कई बार वह डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं और उनका विकास भी रुक जाता है। समाज के लोग हमेशा ताने मारते हैं। इससे उनका भविष्य अंधकार में चला जाता है। कई केस ऐसे आते हैं जिसमें यह बच्चे अपराधी बन जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि जो लोग भी ऐसे बच्चों की देखभाल करते हैं वे कोशिश करें कि पुरानी घटनाओं को बच्चे जल्द भूल सकें और भविष्य पर फोकस करें।

 

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gorakhpur murder - फोटो : अमर उजाला
व्यक्तित्व के विकास की पाठशाला है परिवार
समाजशास्त्री डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह कहते हैं कि परिवार व्यक्तित्व के विकास की पाठशाला है। आधुनिक औद्योगिक समाजों में एकल परिवार का रूप देखने को मिल रहा है, जो मुख्यतः पति-पत्नी और उनके बच्चों से मिलकर बना होता है। ऐसे परिवारों का आधार आपसी सहयोग एवं प्रेम की भावना होती है। वित्तीय जिम्मेदारियां, अपेक्षाओं में अंतर और संवाद की कमी के कारण छोटी बातें गंभीर संघर्ष का कारण बन जाती हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं। सुरक्षित महसूस करना एक बुनियादी मानवीय जरूरत है। परिवार का एक प्रमुख कार्य भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करना भी है। अंतर-अभिभावकीय संघर्ष के कारण बच्चों में भावनात्मक असुरक्षा उत्पन्न होती है। ऐसी स्थिति में बच्चे का व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य एवं उचित ढंग से समाजीकरण नहीं हो सकता है।
 
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ममता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
शाहपुर में पति ने विवाद के बाद पत्नी को मारी गोली, मौत
गोरखपुर के शाहपुर इलाके के गीता वाटिका के पास बुधवार शाम विवाद के बाद पति ने पिस्टल से ताबड़तोड़ गोली मारकर पत्नी की हत्या कर दी। वारदात उस वक्त हुआ जब पत्नी राधिका स्टूडियो से फोटो लेकर बाहर निकली थी। गोली महिला के सीने और हाथ में लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला को पास में स्थित एक निजी अस्पताल में ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस आरोपी पति को मौके से गिरफ्तार कर लिया। 
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