gorakhpur river
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अगर बांध टूटा तो मझवलिया, रूदौली, बैरियाडीह, बहसुआ, कंशासुर, ददरी, सेमराखुर्द, सेमराबुजुर्ग, नवलपुर, आछीडीह, मठिया सहित 53 गांव बाढ़ से प्रभावित होंगे। क्षेत्र के गोपाल सिंह, प्रशांत सिंह, घनश्याम विश्वकर्मा, विजय कुमार निषाद, हरिश्चंद्र शाही, बलवीर यादव, रामशकल यादव, मुन्ना प्रसाद आदि का कहना है कि बाढ़ के समय मरम्मत का कार्य प्रारंभ होने से धन का अपव्यय होता है। बाढ़ हटते ही जिम्मेदार चैन से बजट का अभाव बताकर सोते हैं। यदि नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो बाढ़ से इन गांवों को कोई बचा नहीं पाएगा।