श्रीप्रकाश शुक्ला। (File Photo)
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श्रीप्रकाश वसूलता था गुंडा टैक्स
ठेका डालने के विवाद में विकास की हत्या में आरोपित बृजेश सिंह बताते हैं कि रेलवे में ठेके को लेकर एक बात चलती थी, जिसका पौव्वा जितना भारी, ठेका भी उतना ज्यादा। लेकिन, कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के दखल के बाद यह ट्रेंड बदल गया।
श्रीप्रकाश का खौफ इतना ज्यादा था कि वह ठेकेदारों से गुंडा टैक्स वसूलने लगा और लोग बिना किसी को बताए यह टैक्स देने भी लगे। श्रीप्रकाश के बाद माफिया बृजेश सिंह भी गुंडा टैक्स लेने लगे। वाराणसी मंडल के कार्यों में बिना बृजेश से सांठगांठ किए ठेका लेना आसान नहीं था। अब तो किसी को किसी का डर नहीं। ई-टेंडरिंग ने रेलवे में दबंगई खत्म कर दी। किसने, कितना टेंडर डाला है सभी लोग देख सकते हैं। इस व्यवस्था से ठेकेदारों को बहुत सहूलियत हुई है।