गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मंगलवार को जमकर वोटिंग हुई है। निर्वाचन अधिकारी ने जो सूचना दी है, उसके मुताबिक पांच मंडलों के 17 जिलों में 73.94 फीसदी वोट डाले गए। यह पिछले चुनाव से ज्यादा है। इस बार 40164 में से 29697 शिक्षकों ने मताधिकार का प्रयोग किया है। सबसे ज्यादा 83.19 फीसदी वोट श्रावस्ती में पड़े हैं। वहीं सबसे कम 61.9 फीसदी वोटिंग सुल्तानपुर में हुई है। बहरहाल, 16 प्रत्याशियों का भाग्य बैलेट बॉक्स में बंद हो गया है। तीन दिसंबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। देरशाम तक जीत-हार का फैसला हो जाएगा।
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Teacher MLC Election 2020
- फोटो : अमर उजाला।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव मंगलवार को सुबह आठ बजे से शुरू हो गया। पांच मंडल के 17 जिलों में शुरुआती मतदान की गति धीमी रही। दोपहर बाद मतदाता घर से निकले और 2014 में हुए मतदान का रिकार्ड टूट गया। पिछली बार जहां 73.47 फीसदी मतदान हुआ था, वहीं इस बार आंकड़ा 73.94 फीसदी पहुंच गया। इससे शिक्षक संघ व राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ीं हैं। सबका कहना है कि बढ़ा वोट जिधर जाएगा, नतीजा उधर ही आएगा। चुनाव को लेकर शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह दिखा। ज्यादातर केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगी रही। रिटर्निंग आफिसर जयंत नार्लिकर ने बताया कि शिक्षक एमएलसी का चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से करा लिया गया है। किसी भी जिले से किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। अलग-अलग जिलों में बैलेट बॉक्स सील कराए गए, फिर कड़ी सुरक्षा के बीच गोरखपुर लाए गए। सभी जिलों की मतगणना गोरखपुर में होगी। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में मतगणना की व्यवस्था की गई है।
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वोटिंग में पिछड़ा गोरखपुर
वोटिंग के मामले में गोरखपुर पीछे रह गया है। पिछली बार जहां 78 फीसदी वोट पड़े थे, वहीं इस बार 63.19 फीसदी ही मतदान हुआ। इसका मतलब है कि वोटिंग फीसदी में 14.81 फीसदी की गिरावट हुई है। इससे शिक्षक संघ व राजनीतिक दलों के प्रत्याशी चिंतित हैं। वह गोरखपुर से मतदान फीसदी बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे, क्योंकि सबसे ज्यादा मतदाता यहीं से थे।
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पुलिस, प्रशासनिक अफसरों ने देखी मतदान की व्यवस्था
पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। कमिश्नर व रिटर्निंग आफिसर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। कमिश्नर जयंत नार्लिकर डीबी इंटर कॉलेज, राजकीय जुबली इंटर कॉलेज एवं डीएवी डिग्री कॉलेज में गए और मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली। डीएम ने सहजनवां व चौरीचौरा जाकर मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल सहित सभी उपजिलाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते रहे।
दोपहर 12 से दो बजे के बीच सर्वाधिक मतदान
मंगलवार की सुबह आठ बजे से 17 जिलों के 198 केंद्रों पर मतदान शुरू हुआ। शुरुआत में मतदाता कम आए लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मतदान ने रफ्तार पकड़ ली। दोपहर 12 से दो बजे के बीच सर्वाधिक वोट डाले गए। प्रत्याशी व उनके समर्थक लगातार मतदाताओं से संपर्क साधकर वोटिंग की अपील करते रहे। हर मतदान केंद्र पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्र पर लंबी लाइन लगी मिली। मतदान केंद्रों से 200 मीटर दूर प्रत्याशियों के एजेंट सतर्क मिले। जो मतदाता आए, उनका नाम सूची में देखा, फिर मतदाता पर्ची देकर अंदर भेज दिया।
मतगणना स्थल पर नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल फोन
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन की मतगणना तीन दिसंबर को सुबह आठ बजे से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में होगी। रिटर्निंग आफिसर जयंत नार्लिकर ने बताया कि सभी प्रत्याशी एवं उनके अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता मतगणना केंद्र तक जाएंगे लेकिन सबके लिए मोबाइल फोन, कैमरा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, माचिस, सिगरेट इत्यादि प्रतिबंधित किया गया है। मतगणना पर्यवेक्षकों या सहायकों को भी बिना मोबाइल फोन, कैमरा, वीडियो कैमरा एवं अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस, माचिस, सिगरेट इत्यादि के साथ आने से मना किया गया है।
तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में होंगे स्ट्रांग रूम
गोरखपुर। एमएलसी चुनाव में मतगणना के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में होंगे। बाहरी सुरक्षा पीएससी संभालेगी। मजिस्ट्रेट दूसरे सुरक्षा घेरे में होंगे और तीसरे सुरक्षा घेरे की कमान पुलिस के पास होगी। पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर दिया गया है स्ट्रांग रूम के आसपास आने वाले हर व्यक्ति की तस्वीर सीसीटीवी कैमरों में कैद हो जाएगी। सुरक्षा का इंतजाम ऐसा किया गया है कि वहां कोई भटक भी ना पाए। एसएससी जोगिंदर कुमार ने बताया कि स्ट्रांग रूम को सुरक्षित कर दिया गया है। कहीं से भी कोई वहां तक नहीं पहुंच सकता है।