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गोरखपुर एम्स: बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से मची भगदड़, बिना इलाज के लौटना पड़ा घर

Tue, 29 Jun 2021 10:29 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर (एम्स) में सोमवार को अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। मरीजों की संख्या अधिक होने के वजह से गेट खुलते ही भगदड़ मच गई। एक दूसरे के ऊपर गिरते- परते लोग परिसर में दाखिल हुए, जिसमें कई लोग चोटिल हो गए। कई महिलाओं की चप्पल और पायल, बिछिया तक खो गए। दूर दराज से आए कई मरीजों को तीमारदारों के साथ बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, एम्स गेट पर सुबह सात बजे से ही मरीज पहुंचने लगा थे। सोमवार होने की वजह से नौ बजे तक ही हजार से अधिक मरीज पहुंच चुके थे। सुबह नौ बजे से ओपीडी में डॉक्टर मरीज लगते हैं, लेकिन 11:30 बजे तक मुख्य गेट ही नहीं खोला गया। गार्डों ने मरीजों को गेट पर ही रोक लिया। दूर- दराज से आए मरीज कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी में परेशान रहे। इस वजह से गार्डों से उनकी कहासुनी भी हो गई।
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गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला।
गार्डों ने अचानक गेट खोल दिया
मरीजों और तीमारदारों का गुस्सा देख गार्डों ने अचानक गेट खोल दिया। इससे भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। कई मरीज और तीमारदार जमीन पर गिर गए। जमीन पर गिरे मरीजों के ऊपर से लोग परिसर में दाखिल हुए। इस बीच फिर से गार्डों ने मुख्य गेट बंद कर दिया। इस वजह से सैकड़ों मरीज निराश होकर बिना दिखाए घर लौट गए। बताया जा रहा है कि भगदड़ में कई महिलाओं का चप्पल, पायल और बिछिया तक गिर गया, जिसे एम्स चौकी प्रभारी ने अपने पास रख लिया है। 
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बिना इलाज कराए घर लौटते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
करीब 1500 मरीज पहुंचे थे, आधे निराश लौटे
सूत्रों के अनुसार, सोमवार को एम्स में दिखाने के लिए करीब 1500 मरीज तीमारदारों के साथ पहुंचे थे। इनमें से आधे मरीजों को ही डॉक्टर देख पाए। बाकि को बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा। दिखाने के लिए एम्स पहुंचे मरीजों में गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी थे। इलाज नहीं मिलने से इन्हें काफी परेशानी हुई। 

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गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला।
अब फोन से नहीं लेना होगी अप्वाइंटमेंट
एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. शशांक ने बताया कि मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से भगदड़ मच गई। इसके बाद भी मरीजों को अंदर बुलाकर संबंधित विभागों में दिखाया गया। मेडिकल विभाग में सबसे अधिक भीड़ थी। इसलिए थोड़ी दिक्कत हुई है। अब सभी विभागों में 30-30 मरीजों की संख्या को बढ़ाकर 60 मरीज कर दिए गए हैं। मरीज सीधे आकर पंजीकरण कराते हुए विभागों में दिखा सकते हैं। फोन पर अप्वाइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं है। 
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चलने में असमर्थ मरीजों को व्हील चेयर भी नहीं मिली। - फोटो : अमर उजाला।
अप्वाइंटमेंट वाले मरीजों को ही डॉक्टरों ने देखा
मरीजों ने और तीमारदारों ने बताया कि जिन लोगों ने फोन से अप्वाइंटमेंट लिया था, केवल उन्हीं लोगों को डॉक्टरों ने देखा। इस वजह से सैकड़ों मरीज तीमारदारों के साथ बिना दिखाए लौट गए। इस पर एम्स प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो बताया गया कि सभी विभागों में अभी 30-30 मरीज ही देखे जा रहे हैं। 
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गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला
सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक होता है पंजीकरण
एम्स में सुबह नौ बजे से ओपीडी शुरू हो जाती है। सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों का पंजीकरण किया जाता है। इसके बाद पंजीकरण बंद कर दिया जाता है। जिसका दोपहर 12 बजे तक पंजीकरण हो पाता है उसे ही डॉक्टर देखते हैं। डॉक्टर मरीजों को शाम पांच बजे तक देखते हैं। अबी एक विभाग में केवल 30-30 मरीज देखे जार रहे थे। अब इसे बढ़ाकर 60 कर दिया गया है।
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रीमा देवी - फोटो : अमर उजाला।
देवरिया से आई रीमा बिना इलाज लौटीं
देवरिया के बैतालपुर से आई रीमा देवी ओपीडी में सुबह सात बजे पहुंच गई थीं, लेकिन गार्डों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने वजह पूछी तो गार्ड ने बताया कि ओपीडी इंचार्ज अविनाश श्रीवास्तव जब कहेंगे तभी गेट खुलेगा। गेट सुबह 11:30 बजे खोला गया। रीमा ने बताया कि फोन पर नंबर न लगने की वजह से उन्हें बिना दिखाए लौटना पड़ा।
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रामकिशोर - फोटो : अमर उजाला।
गेट खोलते ही मची भगदड़
संतकबीरनगर के मेहंदावल के रहने वाले रामकिशोर ने बताया कि एम्स से जारी लैंडलाइल फोन पर पिछले चार दिनों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नंबर नहीं मिला। फोन न लगने से सोमवार सुबह आठ बजे पत्नी मंजू को लेकर पहुंचा, लोकिन गार्ड ने अंदर जाने नहीं दिया। 11 बजे के बाद गेट खोला। गेट खोलते ही भगदड़ मच गई। इससे चार मरीज गिरकर चोटिल हे गए। 
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