डॉ. रामचेत चौधरी।
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विटामिन ए की कमी को आसानी से करता है पूरा
डॉ. रामचेत चौधरी ने शकरकंद की जो नई प्रजाति विकसित की है, वह गोरखपुर के बच्चों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। दरअसल, लो लैंड एरिया होने ी वजह से यहां के बच्चों में डायरिया की शिकायत बनी रहती थी। डॉ. चौधरी का कहना है कि नए शोध के अनुसार अब डॉक्टर डायरिया के मरीजों को पहले विटामिन-ए की खुराक देते हैं। इसके बाद डायरिया की दवा देते हैं। इससे मरीज बहुत जल्द स्वस्थ हो जाता है। इसी को ध्यान में देखते हुए उन्होंने शकरकंद की यह प्रजाति तैयार की है।
उन्होंने बताया कि मात्र 100 ग्राम की मात्रा में इस शकरकंद को खाने से ही एक सप्ताह में विटामिन-ए की जरूरत पूरी हो जाती है। इसमें गाजर की तुलना में दोगुना बीटा कैरोटीन है। बीटा कैरोटीन किसी भी फल में पाया जाने वाला ऐसा पोषक तत्व है, जो शरीर में विटामिन-ए की जरूरतों को पूरा करता है।