लखनऊ में इंजीनियर सूर्यप्रताप सिंह की हत्या के बाद उनके गांव में मातम है। परिजनों ने बताया कि महिला रत्ना के संपर्क में आने के बाद सूर्य ने अपनों से नाता तोड़ लिया था। सूर्य प्रताप और रत्ना की मुलाकात करीब 10 वर्ष पहले हुई। उस वक्त सूर्य की उम्र 22 वर्ष की थी।
देवरिया के बरहज के परसियां भीखम गांव निवासी और प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर रहे सूर्यप्रताप सिंह की हत्या के दूसरे दिन उनके गांव में मातम रहा। परिवार वालों ने लखनऊ में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के अनुसार, महिला के साथ लिव इन रिलेशन में आने के बाद से इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह ने घरवालों और अपनों से दूरी बना ली थी। गांव में सूर्य प्रताप के घर ताला लगा है। पटीदार भी घटना के बाद लखनऊ चले गए हैं।
गांव में चर्चा है कि सूर्य प्रताप ने महिला के संपर्क में आने के बाद से लखनऊ में अपने माता-पिता, रिश्तेदारों और परिचितों से मिलना-जुलना बंद कर दिया था। कहा जा रहा है कि सूर्य प्रताप को झांसे में लेने के बाद महिला की नजर उनके मकान पर थी। जिसको लेकर विवाद भी होता रहता था।
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लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद आरोपी महिला और उसकी बेटी को थाने ले जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति की मौत के बाद सूर्य प्रताप से बढ़ी रत्ना की नजदीकियां
सलारगंज स्थित शिवम ग्रीन सिटी में लिवइन में रह रही रत्ना नामक महिला ने इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार सूर्य प्रताप और रत्ना की मुलाकात करीब 10 वर्ष पहले हुई। उस वक्त सूर्य की उम्र 22 वर्ष की थी।
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आरोपी महिला रत्ना की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रत्ना के पति राजेंद्र जनगणना विभाग में कर्मचारी थे। वह पत्नी रत्ना व दो बेटियों के साथ जानकीपुरम की आकांक्षा विहार कॉलोनी में रहते थे। वहीं सूर्य प्रताप रत्ना की दोनों बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने जाते थे।
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इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच वर्ष पहले रत्ना के पति की बीमारी से हुई थी मौत
सूर्य के पिता नरेंद्र ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले रत्ना के पति की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद रत्ना ने उनके परिवार से मदद मांगी। बीबीडी स्थित मकान किराये पर देने के लिए कहा था। तब रत्ना को मकान किराये पर दे दिया गया था। वहां भी सूर्य प्रताप बच्चियों को पढ़ाने जाते थे।
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मृतक इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रत्ना के साथ रहने लगा था सूर्य प्रताप
इसी दौरान सूर्य प्रताप व रत्ना की नजदीकियां बढ़ गईं। परिवार ने जब रत्ना से संबंध में बारे में सवाल किए तो सूर्य प्रताप ने किसी भी तरह के संबंध से साफ इन्कार किया। शक के आधार पर परिवार ने दोनों के संबंधों का विरोध किया तो सूर्य प्रताप रत्ना के साथ ही रहने लगे। वह अपने घरवालों की बात भी नहीं सुनते थे।
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लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन बहनों में इकलौते भाई थे सूर्य
सूर्य प्रताप के परिवार में पिता नरेंद्र के अलावा मां ऊषा और तीन बहनें हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। मां ऊषा को जब इकलौते बेटे की हत्या की खबर मिली तो वह बेसुध हो गईं। मां ने रोते हुए कहा कि वह बेटे को दूल्हा बनते हुए देखना चाहती थीं। अब उनको बेटे की अर्थी देखनी पड़ेगी। खबर पाकर रिश्तेदार भी घर पहुंच गए। हर कोई सूर्य प्रताप की हत्या से हतप्रभ दिखा।
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इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में बिखरा खून
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गले की नस कटी सीने पर गहरे घाव
मंगलवार को सूर्य प्रताप सिंह का पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में गले की नस कटी मिली। सीने के पास भी धारदार हथियार से गहरे घाव मिले। डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने भैंसाकुंड में सूर्य प्रताप का अंतिम संस्कार कर दिया।
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लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता का दावा... मां-बेटियां अकेले हत्या नहीं कर सकतीं
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद सूर्य प्रताप के पिता नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या में अकेले मां-बेटियों का हाथ नहीं है। घटना में किसी और की भी संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने पुलिस से आरोपी महिला के कॉल रिकॉर्ड जांच करने की मांग की है। आरोप लगाया कि मकान हड़पने के लिए ही मां-बेटियों ने मिलकर बेटे की हत्या की है।
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लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंजीनियर की चाकू से गला रेतकर की हत्या
लखनऊ के सलारगंज शिवम ग्रीन सिटी में सहमति संबंध में रह रही प्रेमिका ने रविवार रात साथी इंजीनियर की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। सुबह उसने ही पुलिस को फोन पर हत्या की बात बताई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। युवक के पिता ने प्रेमिका और उसकी दोनों बेटियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में जांच कर बाहर निकलती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकीपुरम सेक्टर-एच निवासी नरेंद्र सिंह के इकलौते बेटे सूर्य प्रताप सिंह (32) एवरेडी कंपनी में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर थे। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि सूर्य प्रताप बीते चार वर्ष से रत्ना (46) नाम की महिला के साथ सलारगंज शिवम ग्रीन सिटी स्थित अपने दूसरे मकान में सहमति संबंध में रह रहे थे।
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इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में जांच कर बाहर निकलती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रत्ना और सूर्य के बीच हुआ था झगड़ा
हरदोई की मूल निवासी रत्ना की पहले से 17 और 15 वर्ष की दो बेटियां हैं। सोमवार रात रत्ना और सूर्य के बीच झगड़ा हुआ। भोर करीब पांच बजे रत्ना ने घर में रखे चाकू से सूर्य प्रताप का गला रेत दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त रत्ना की दो बेटियां भी घर में मौजूद थीं।
इसी मकान में महिला ने लिव इन पार्टनर की हत्या की। घर में जांच कर बाहर निकलती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने रत्ना को किया गिरफ्तार
हत्या के बाद आरोपी महिला ने पुलिस को वारदात की जानकारी दी। मौके पर पहुंची बीबीडी थाने की पुलिस ने रत्ना को गिरफ्तार कर लिया है। बेटियों को भी बाल सुधार गृह भेजा गया है।