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Flood News: गोरखपुर में घाघरा नदी खतरे के निशान से 95cm ऊपर, राप्ती का भी बढ़ रहा जलस्तर

Tue, 20 Sep 2022 04:14 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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gorakhpur flood - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले में घाघरा नदी के बाढ़ का पानी सोमवार को गोला तहसील क्षेत्र के गांव कोटिया निरंजन और ज्ञानकोल में घुस गया। इससे मुख्य मार्ग से गांव का संपर्क कट गया है। संपर्क मार्गों पर पानी भरा है। लिहाजा, आने-जाने के लिए नाव लगाई गईं हैं। ग्रामीण व पशुओं को सुरक्षित बंधे पर लाया गया है। फसलें डूब गई हैं।

घाघरा खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गोला के साथ ही खजनी तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ के पानी के घुसने का खतरा है। दूसरी तरफ, रोहिन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, राप्ती नदी खतरे के निशान से 77 सेमी नीचे बह रही है, लेकिन जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। पिछले 48 घंटे के दौरान जलस्तर में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यही सिलसिला जारी रहा तो राप्ती नदी भी जल्द ही खतरे का निशान पार कर जाएगी।



 
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gorakhpur flood - फोटो : अमर उजाला।
रोहिन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, रविवार की अपेक्षा सोमवार को जलस्तर एक सेंटीमीटर नीचे आया है, लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार है। गोर्रा नदी भी खतरे की तरफ बढ़ रही है। यह नदी खतरे के निशान से महज 80 सेमी नीचे है, लेकिन जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कुआनो नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। हालांकि, यह नदी खतरे के निशान से अभी काफी दूर है।

घाघरा नदी का जलस्तर अयोध्या, गोरखपुर और देवरिया के बरहज तक लगातार बढ़ रहा है। बरहज में घाघरा नदी खतरे के निशान से 95 सेमी ऊपर पहुंच गई है। अयोध्या में जलस्तर खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर है।

 
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gorakhpur flood - फोटो : अमर उजाला।
डेरवां-जगदीशपुर मार्ग पर पानी, आवागमन बंद
सोमवार को बड़हलगंज क्षेत्र के डेरवां-जगदीशपुर मार्ग पर राप्ती और बरडीहा-खैराटी मार्ग पर सरयू का पानी चढ़ने से बड़ी गाड़ियों का आवागमन बंद हो गया है। लोग जलभराव के रास्ते आने जाने को मजबूर हैं। राप्ती नदी के किनारे बसा सूबेदार नगर माझा गांव भी डूब गया है। तहसील क्षेत्र के 13 बाढ़ चौकियों पर 113 कर्मचारियों समेत 14 बाढ़ राहत केंद्रों को क्रियाशील कर दिया गया है। तहसील प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए 98 नावों और 20 गोताखोरों को अलर्ट कर दिया गया है।  

 

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बड़हलगंज मुक्तिपथ। - फोटो : अमर उजाला।
मुक्तिपथ पर बने 35 शवदाह प्लेटफार्म डूबे
बड़हलगंज में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुक्तिपथ पर सभी शवदाह प्लेटफार्म नदी में डूब गए हैं। अब सिर्फ ऊपर के बचे तीन प्लेटफार्मों पर शवदाह किया जा रहा है। ऐसे में शवदाह करने वाले परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मुक्तिपथ व्यवस्थापक महेश उमर ने कहा कि बाढ़ से नीचे के सभी प्लेटफार्म डूब चुके हैं। ऊपर के तीन प्लेटफार्मों पर ही शवदाह किया जा रहा है। पानी घटते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

 
 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
नदियों का जलस्तर
नदी    स्थान    जल स्तर    खतरे का निशान    जलस्तर (मीटर में)
घाघरा            बरहज           67.450           66.500
घाघरा           अयोध्या          93.150            92.730
राप्ती            गोरखपुर          74.210             74.1980
रोहिन           तिनमुहानी         82.430             82.440
गोर्रा             पिंडरा            69.700              70.500
कुआनो       मुखलिसपुर         76.400             78.650


 
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा है। गोला तहसील के गांव कोटिया निरंजन व ज्ञानकोल गांव में पानी घुसा है। ग्रामीणों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो, इसके नाव लगाई गई हैं। कई रास्तों पर पानी चढ़ गया है। सड़कें भी डूब गई हैं। प्रशासन अलर्ट है। -गौतम, प्रभारी आपदा कार्यालय।

घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन, चिंता की कोई बात नही है। सभी बंधों पर निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर अधिकारी-कर्मचारी कैंप कर रहे हैं। सभी बंधे सुरक्षित हैं। -केके राय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग।
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