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Ganesh Chaturthi 2020: गणेश चतुर्थी आज, घरों में विराजेंगे गणपति बप्पा, यहां जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sat, 22 Aug 2020 12:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गणेश चतुर्थी 2020। - फोटो : अमर उजाला।
गणेश चतुर्थी आज देशभर में को मनाई जा रही है। इसी के साथ दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश का जन्म हुआ था।
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गणेश चतुर्थी 2020। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर में गणेश उत्सव के दौरान विभिन्न जगहों पर पंडाल लगाकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं को स्थापित कर दस दिनों तक उनकी भक्ति में भक्त लीन रहते थे। लेकिन इस बार कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है। ऐसे में गणेश पूजा के पंडाल भी नहीं लगेंगे। भक्त घरों में ही गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजन-अर्चन करते हुए उनसे कोरोना से निजात के लिए प्रार्थना करेंगे।

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गणेश चतुर्थी 2020। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर गणपति महोत्सव घासी कटरा श्री दुर्गा मंदिर ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए निर्णय लिया है कि इस वर्ष सार्वजनिक गणपति कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे। समिति द्वारा कलश स्थापना कर पूजा की जाएगी। वहीं श्री श्री गणेश पूजा महोत्सव सिद्धि विनायक समिति पांडेयहाता द्वारा इस बार पंडाल नहीं लगाया जाएगा। पूजा स्थल के समीप भगवान गणेश की छोटी प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाएगी। यहां किसी भी बाहरी का प्रवेश वर्जित रहेगा।

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गणेश चतुर्थी 2020। - फोटो : अमर उजाला।
पूजन मुहूर्त
पंडित अरविंद गिरि ने बताया कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ शुक्रवार की मध्यरात्रि एक बजकर 59 मिनट से हो रहा है, जो 22 अगस्त को दिनभर और रात के 11 बजकर 38 मिनट तक है। यह संपूर्ण साधनाओं को पूरा करने वाला साध्य योग्य इसी दिन है। गणेश का जन्म मध्यमान काल में हुआ है। अत: इनकी पूजा मध्यमान काल में की जाएगी।
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गणेश चतुर्थी 2020। - फोटो : अमर उजाला।
ऐसे करें पूजन
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को प्रात:काल स्नानादि नित्य कर्म से निवृत्त होकर अपनी शक्ति के अनुसार सोने, चांदी, पीतल अथवा गोबर से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गणेश जी का षोडशोपचार सविधि संपन्न करें। दक्षिणा के पश्चात आरती कर गणेश जी को नमस्कार करें व गणेश जी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। मोदक का भोग लगाएं।
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