Chhath Puja 2022
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व्रत मात्र से मिलता है पूरा फल
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, वैसे तो हर पूजा व्रत में बहुत सी पूजन सामग्रियों का विधान है, लेकिन ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। सामग्री की व्यवस्था अपने सामर्थ्य के अनुसार ही की जा सकती है। कुछ न रहने पर व्रत मात्र से ही छठ के पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। पूजन बस विधि-विधान से सही और उचित होना चाहिए। सूर्य षष्ठी व्रत पूजन में गन्ना, नारियल, आम का पल्लव, पान, सुपारी, फल, लौंग, इलायची गुण, रुई, चौमुखी दिया, सूप, दउरा, रोली, साठी चावल, अगरबत्ती, कपूर, चूड़ा, सरसों तेल, आलता, नींबू बड़ा व छोटा, आटे का ठेकुआ, मूली, कद्दू, हल्दी, अदरक, सुथनी, पंचमेवा, देसी घी तथा सभी प्रकार के फलों का इस्तेमाल होता है।
अर्घ्य का मुहूर्त
- 30 अक्तूबर: सायंकाल पांच बजकर 34 मिनट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
- 31 अक्तूबर: सुबह छह बजकर 27 मिनट पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।