उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अभी तक इस बीमारी के मरीज निजी अस्पतालों में ही मिले थे लेकिन शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती दो मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। दोनों मरीजों का पहले से कोविड का इलाज चल रहा है। प्रारंभिक संकेत मिलने के बाद बीआरडी के डॉक्टरों की टीम ने दोनों मरीजों में फंगस का इलाज शुरू कर दिया है।
इसके अलावा कोविड मरीजों का इलाज करने वाले पनेशिया हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज में शनिवार को ब्लैक फंगस के लक्षण दिखे हैं। जबकि दो मरीजों की कोविड संक्रमण के कारण पहले ही मौत हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज रोड स्थित निजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, कसया रोड स्थित ईएनटी डॉक्टर ने एक मरीज का ऑपरेशन किया है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे मरीज
शहर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लैक फंगस के मामले बढ़े हैं। गोरखपुर व बस्ती मंडल के अलावा बिहार तक के मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। इस सप्ताह अब तक कुल 20 मामलों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। संक्रमण आंखों तक पहुंच गया। ऐसे में संक्रमितों की आंखों को निकालना भी पड़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
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टेली कंसल्टेंसी में भी मिल रहे मरीज
बीआरडी के टेली कंसल्टेंसी में भी ब्लैक फंगस के मरीज परामर्श ले रहे हैं। बीते दो दिन में ईएनटी की टेली कंसल्टेंसी में दो मरीजों में ब्लैक फंगस जैसै लक्षण मिले। दोनों संक्रमित थे। वह मुंबई से लौटे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला।
शासन ने जारी की एडवाजरी
ब्लैक फंगस को लेकर शासन भी हरकत में आ गया है। शासन ने इसको लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठकर इसकी समीक्षा की। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि इस बीमारी के इलाज के इंतजाम किए जा रहे हैं। ऑनलाइन इलाज के लिए भी इंतजाम किए जा चुके हैं।
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स्टेरायड से कम हो जाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष शकर ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस डायबिटीज मरीजों में होने वाली फंगल की बीमारी है। यह मरीजों को कोविड इलाज के दौरान दी जाने वाली स्टेरायड के कारण होती है। स्टेरायड के लंबे समय तक दिए जाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे फंगल इंफेक्शन होता है। म्यूकोरमाइकोसिस से नाक और आंख के आस पास की नसों पर असर पड़ती है।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
संक्रमण से मुक्ति पा चुके लोगों के नाक में दर्द, नाक के रास्ते खून आना, नाक बंद हो जाना, दांत या जबड़े में दर्द, आंखों के सामने धुंधलापन, दोहरा दिखाई देना, गालों पर काले चक्कते, आंख के नीचे काले चक्कते पड़ना, चेहरे पर सूजन, कम दिखाई देना।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि ब्लैक फंगस सर्जरी और दवा से ठीक होने वाली बीमारी है। इसके मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन इस बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इसके इलाज के इंतजाम हैं।