उत्तर प्रदेश के देवरिया और कुशीनगर जनपद में राजनीति में धमक कायम करने वाले माफिया व पूर्व एमएलसी संजीव उर्फ रामू द्विवेदी को सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे लखनऊ स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस शनिवार को रामू द्विवेदी को लेकर रामपुर कारखाना थाने पहुंची। वहां उनके साथ लग्जरी गाड़ी से आए लोगों ने दवा दी। इसके बाद कसया रोड स्थित गोशाला पर पुलिस ने उनको बैठा दिया। वहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। जब जिला अस्पताल से मेडिकल कराने के बाद न्यायालय जा रहे थे तो चेहरे पर मुस्कान तो थी लेकिन मीडिया ने जब पूछा तो उन्होंने कहा कि वक्त आने पर जवाब दूंगा, मेरे साथ हुए जुर्म का जवाब जनता देगी।
मूल रूप से गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के निवासी रामू की पढ़ाई लखनऊ में हुई है। मां सरकारी सेवा में थीं। लखनऊ विश्वविद्यालय में बटलर छात्रावास में रहकर बीए, एलएलबी की पढ़ाई करने वाले रामू के दामन पर अपराध के दाग लगते गए। यहीं से उनकी पहचान प्रदेश के कई बड़े नामदारों से हुई। उन पर पुलिस रिकार्ड में आरोप है कि करीब एक दशक से ऊपर तक अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...