गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का रुख देख ग्रामीण दहशत में हैं। कई गांव बाढ़ से पूरी तरह से घिर चुके हैं। फसल जलमग्न होती जा रही है। रविवार को बांसगांव-कुसमौल मार्ग पर राप्ती का पानी आने से बड़े व भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसी तरह बाढ़ग्रस्त इलाकों के कई मार्गों पर नदियों का पानी ओवरफ्लो कर रहा है। लोग मवेशियों के साथ बांधों पर शरण लिए हुए हैं।
महावीर छपरा प्रतिनिधि के अनुसार महावीर छपरा से बांसगांव जाने वाले कुसमौल मार्ग पर ताल नगरी में राप्ती और आमी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांसगांव-कुसमौल मार्ग पर पानी आने से बैरियर लगाकर बडे़ व भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। उन्हें दूसरे रास्ते से रवाना किया जा रहा है। हालांकि छोटे वाहनों को आने जाने दिया जा रहा है। वहीं कुसमौल रोड के ठेकेदार द्वारा ताल नगरी की सड़क को बचाने के लिए किनारों पर बोल्डर लगवाया जा रहा है जिससे सड़क की कटान को रोका जा सके। कई गांव भी बाढ़ से घिर गए हैं। पशुओं के सामने चारे का संकट गहरा गया है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
पिपरौली प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के दर्जनों गांवों आमी नदी की बाढ़ से घिर गए हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण अमटौरा-बनौड़ा मुख्य मार्ग पर भी पानी चढ़ गया है। इस मार्ग पर कभी भी आवागमन बंद हो सकता है। इसी प्रकार पिपरौली-मंझरिया रोड पर पानी बढ़ता जा रहा है। वहीं कैली-गाड़र मार्ग पर आमी का पानी हवा के साथ हिलोरे ले रहा जिससे कटान के कारण आधी सड़क कट गई है। यही स्थिति रही तो इस मार्ग पर भी आवागमन बंद हो जाएगा। जैतपुर-नंदापार सीयर मार्ग भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नंदापार, सीयर, भलेंदरी, गाड़र, कटका, रखौना, बेलवाडाड़ी, तिनहरा, बनौड़ा आदि गांवों में बाढ़ ने तबाही मचानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
3 of 5
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
सहजनवां प्रतिनिधि के अनुसार आमी नदी के बढ़ते जलस्तर का प्रभाव अब गीडा क्षेत्र में भी दिखने लगा है। सेक्टर-15 स्थित इंडियन गैस बॉटलिंग प्लांट परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। परिसर का कुछ हिस्सा पानी में डूब गया है जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
4 of 5
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
राप्ती की कटान से सहमे ग्रामीण
बढ़या-कोठा बांध पर जगह-जगह रेनकट और नदी के कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। सरकारी मदद ना मिलने पर रविवार को ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। राप्ती नदी का जलस्तर कभी कम तो कभी बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो गई है। अधिक बारिश के कारण बांध पर जगह-जगह रेनकट हो गए हैं जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत है।
जानकारी के मुताबिक तुर्कवलिया, बेलघाट खुर्द, मीरपुर, फुलवरिया, उसका समेत दर्जनों गांव नदी के किनारे बसे हैं जहां जगह-जगह कटान की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया तो गांव का अस्तित्व मिट सकता है। तुर्कवलिया के प्रधान हरिकेश यादव समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
सरुआताल के पानी से दो गांव घिरे
सरुआताल के उफान से क्षेत्र के भैसला और बहबोलिया गांव चारों तरफ पानी घिर गए हैं। पानी अभी सड़क पर कम होने के कारण लोग किसी तरह आ जा रहे हैं। अगर जलस्तर और बढ़ा तो आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाएगा।