गोरखपुर में कोरोना महामारी के बीच इंसेफेलाइटिस के मरीजों में काफी कमी आई है। पिछले साल की तुलना में इस साल अब तक बेहद कम मरीज मिले हैं। एक जनवरी से लेकर छह जुलाई के बीच केवल 31 मरीज जिले में मिले हैं। साथ ही चार मरीजों की मौत हुई है। गोरखपुर मंडल की बात करें तो पिछले छह माह में 11 मासूमों की मौत हो चुकी है। जबकि 147 मरीज जेई और एईस के मिल चुके हैं।
पूर्वांचल में कई दशकों तक इंसेफेलाइटिस कहर बरपाता रहा है। लेकिन पिछले तीनों से स्थिति बदल गई है। एक जनवरी से छह जुलाई तक के आंकड़ों पर गौर करें तो गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस के 31 मरीज मिले हैं। इनमें चार की मौत हुई। देवरिया जिले में 33 मरीज मिले, जिसमें एक की जान गई है। कुशीनगर की बात करें तो यहां 51 मरीजे मिले, जिसमें दो की मौत हुई।