गोरखपुर में हाथी का तांडव।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस बच्चे की मौत हुई है, वह काफी बीमार चल रहा था। उसके ननिहाल वालों ने मां से कहा था कि बच्चे को यज्ञ में लाकर पूजन कराओ तो वह ठीक हो जाएगा। जिसके बाद मां बच्चे को लेकर मायके आई थी। वह हाथी का पूजन कर बच्चे को आशीर्वाद दिलाने पहुंची थी।
वृंदावन, मथुरा और हरिद्धार से 51 वैदिकचार्य बुलाए गए थे
आयोजन समिति के सदस्य हनुमान यादव के अनुसार यज्ञ में अयोध्या, वृंदावन, मथुरा, हरिद्धार समेत कई जगहों से 51 वैदिकचार्य भी पहुंचे थे। घटना के बाद दूसरे हाथी को गांव से वापस भेज दिया गया।