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कोरोना से जंग जीत चुके हैं तो पढ़ लें खबर, कहीं आप में तो नहीं है ये लक्षण!

Fri, 27 Nov 2020 05:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Corona - फोटो : PTi
कोरोना संक्रमण से उबर चुके मरीजों की समस्या खत्म नहीं हो रही है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीज अब पोस्ट कोविड में तमाम समस्याएं लेकर आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज फेफड़ों में संक्रमण, फाइब्रोसिस, थकान और कमजोरी के साथ-साथ भूख मर जाने व बार-बार गला सूखने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों पर बीआरडी और जिला अस्पताल प्रशासन विशेष ध्यान देते हुए जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
 
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
गोरखपुर जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की शुरुआत हो चुकी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में अब ऐसे भी मरीज आ रहे हैं, जो संक्रमण से जंग जीत चुके हैं। ऐसे मरीजों को तमाम समस्याएं आ रही है।
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
जिला अस्पताल के फिजिशयन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को थकान, कमजोरी, सुस्ती के साथ सांस लेने में तकलीफ, भूख न लगने व बार-बार गला सूखने की समस्या हो रही है। लक्षणों के आधार पर मरीजों को इलाज व परामर्श दिया जा रहा है। बेहतर खानपान की सलाह दी जा रही है।
 

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कोरोना वायरस। - फोटो : PTi
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि कई मरीजों की आंखों में खून के थक्के बनने की शिकायतें मिली है। वह कोरोना से संक्रमित भी हो चुके हैं। जबकि ऐसी स्थिति तब आती है, जब आंखों में संक्रमण की समस्या होती है और उसकी नसे सूखने लगती है। ऐसे मामलों में अब जांच की जरूरत है। ऐसे मरीजों को सलाह भी दी जा रही है कि वह मामलों में लापरवाही बिल्कुल न करें। वरना उनकी आंखें हमेशा के लिए  खराब हो सकती है।  

 
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTi
सिकुड़ रहा फेफड़ा
चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि ज्यादातर मरीजों के फेफड़ों में संक्रमण, फाइब्रोसिस की समस्या मिल रही है। ऐसे मरीजों का चेस्ट सिटी स्कैन कराकर उन्हें हर महीने इलाज के लिए बुलाया जा रहा है। क्योंकि उनके फेफड़े संक्रमण की वजह से सिकुड़ चुके हैं। ऐसे लोग छह महीने तक विशेष ख्याल रखें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी परेशानी भविष्य में और बढ़ सकती है।
 
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