सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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तारों में समय के साथ भौतिक एवं ज्यामितीय परिवर्तन होते रहते हैं। इस प्रक्रिया को ग्रेविटेशनल कोलेप्स कहा जाता है। इन प्रक्रियाओं के दौरान तारे व्हाइट होल, न्यूट्रान स्टार, ब्लैक होल के रूप में परिवर्तित होते रहते हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि पिछले तीन सालों से वे तारों की एक विशेष गति का अध्ययन कर रहे हैं। उनके शोध के अनुसार यदि कोई तारा नियत दर से संकुचित (कोलेप्स) हो रहा हो तो उसके केंद्र में एक वैक्यूम निर्मित हो जाता है।