उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के डेहरीभार निवासी रामशबद पुत्र घनघन प्रसाद का पार्थिव शरीर सोमवार की देर रात गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिजनों का बिलखना देख वहां मौजूद हर कोई रो पड़ा। वहीं मंगलवार की सुबह पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया गया। शहीद रामशबद लंबे समय से बीमार चल रहे थे, वहीं रविवार की सुबह ड्यूटी के दौरान जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में उनका निधन हो गया।
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शहीद जवान की अंतिम विदाई के लिए पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के अनुसार, डेहरीभार निवासी रामशबद जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात थे। दस दिन पूर्व ही वे ड्यूटी के लिए जम्मू-कश्मीर के कुलगाम गए थे। वहां रविवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। परिजनों को जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया।
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रोते- बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
ग्रामीणों के अनुसार रामशबद बचपन से ही सादा स्वभाव और मीलनसार व्यक्ति थे। रामशब्द चार भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई भकोल सीआरपीएफ में एसआई पद से अवकाश प्राप्त हैं। इन्ही से प्रेरणा लेकर रामशबद ने सन् 1988 में सीआरपीएफ फोर्स ज्वाइन कीया और अनवरत अपनी सेवा देते रहे।
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शहीद जवान की अंतिम विदाई में शामिल जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
रामशबद को दो लड़की और एक लड़का श्रीनारायण है। बेटे की उम्र 28 वर्ष है। वह घर पर ही रहता है। एक पुत्री की शादी करनी अभी बाकी है। पिता की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वहीं बेटा श्रीनारायण पिता की मौत की खबर सुनने के बाद से ही बदहवास हो गया है।