आरोपी विभाष्म सिंह को नहीं था कानून से डर। (फाइल)
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एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि पुलिस से लगातार संपर्क कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया। पुलिस को बताया गया कि कानून के दायरे में काम करें। किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है। इसके बाद नतीजा सबके सामने है। आगे भी पुलिस निष्पक्ष रूप से काम करेगी, जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसमें हो सकती है यह सजा
धारा 302 (हत्या): सजा साबित होने पर आजीवन कारावास या फांसी में से एक, जुर्माना या फिर दोनों।
धारा 376 (दुष्कर्म) : दुष्कर्म के पॉक्सो की धारा लगने पर उम्र के हिसाब से सजा होती है अधिकतम फांसी या फिर दस साल की कैद।
धारा 120 (आपराधिक साजिश) : यह सजा जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उसकी सजा के हिसाब से होती है।
धारा 201 (साक्ष्य छिपाने) : आरोपित को सात साल की कैद हो सकती है
धारा 506 (जान से मारने की धमकी): दो साल की सजा या आर्थिक दंड अथवा दोनों
धारा 318 (पैदाइश छिपाना): दो साल की कैद, जुर्माना या दोनों