फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर एनकाउंटर: एसटीएफ की तीन गोलियों ने परवेज को कर दिया था ढेर, पोस्टमार्टम में हुआ ये खुलासा

Tue, 08 Jun 2021 04:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
गोरखपुर एनकाउंटर में मारा गया परवेज (लाल घेरे में)। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के चिउटहा पुल के पास मुठभेड़ में शार्प शूटर परवेज को पुलिस द्वारा चलाई गईं तीन गोलियां लगीं थीं। पोस्टमार्टम में पता चला है कि दो गोली सीने को तो एक गोली सिर को छेदते हुए निकली थी। उधर, पीपीगंज पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया जिसके बाद रात में ही वे आंबेडकर नगर लौट गए।

एसटीएफ के मुताबिक, बदमाश परवेज के बारे में सूचना मिली थी कि कैंपियरगंज से वह आंबेडकर नगर जाने वाला है और वहां पर किसी व्यापारी की हत्या भी करेगा। इसी सूचना पर पुलिस पहुंची थी और चिउटहा के पास घेराबंदी के दौरान पुलिस ने ललकारते हुए कहा था कि वह आत्मसमर्पण कर दे, लेकिन यह सुनते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी थी।

कई बार पुलिस के कहने पर नहीं माना तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई और तीन गोली लगने से परवेज की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि, उसका एक साथी बाइक लेकर फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है। इस मामले में एसटीएफ की ओर से पीपीगंज थाने में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कराया गया था।


 
विज्ञापन

2 of 5
गोरखपुर एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।
फरार साथी के बारे में जुटाई जा रही जानकारी
पीपीगंज पुलिस परवेज के फरार साथी के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि, पुलिस को अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वह किसके साथ आया हुआ था। पुलिस का कहना है कि छानबीन के बाद जल्द ही साथी के बारे में जानकारी कर ली जाएगी।
 
विज्ञापन

3 of 5
गोरखपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला।
अंडरवर्ल्ड डान जफर सुपारी का भाई है खान मुबारक
गोरखपुर में मारा गया परवेज खान मुबारक के लिए काम करता था। खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन जफर सुपारी का भाई है। उस पर 35 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस समय वह हरदोई जेल में बंद है।
 

4 of 5
गोरखपुर एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।
गवाह की कर देता था हत्या
परवेज खान मुबारक के खिलाफ गवाही देने वाली की हत्या कर देता था। करीब डेढ़ साल पहले बसपा नेता जुरगाम की हत्या भी परवेज ने की थी। बताया जाता है कि जुरगाम भी खान मुबारक के खिलाफ चल रहे एक मामले में गवाही देने के लिए घर से निकले थे। इसी के बाद इस पर इनाम की राशि बढ़ा दी गई थी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गोरखपुर एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।
डेढ़ साल बाद पुलिस की गोली से मारा गया बदमाश
  • 11 जनवरी 2020 को मेडिकल कॉलेज के पीछे मारा गया था बदमाश विपिन सिंह
  • इसके बाद मुठभेड़ तो कई हुई, लेकिन सिर्फ पैर में लगती रही गोली
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें