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यूपी: मनीष हत्याकांड में आया बिकरू का नाम, पत्नी बोली- पुलिसकर्मी मरे तो एक करोड़, मारे तो दस लाख

Thu, 30 Sep 2021 02:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

मनीष की पत्नी मीनाक्षी और अन्य परिजनों ने गोरखपुर पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस ने उनके पति को मार डाला। अब वही केस की जांच करेंगे तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जांच में क्या होगा।
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मृत कारोबारी मनीष की पत्नी मीनाक्षी। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश में इस समय सबसे अधिक चर्चा कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की चल रही है। यह घटना पुलिस विभाग पर कलंक बन गई है। वहीं मनीष की पत्नी मीनाक्षी पुलिस खिलाफ खुलकर बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि बिकरू कांड में जो पुलिसकर्मी शहीद हुए थे उनके परिवार वालों को एक-एक करोड़ रुपये की मदद की गई थी। जब पुलिस वालों ने मेरे निर्दोष पति को मारा दिया है तो 10 लाख रुपये की सहायता दे रहे हैं। ये कहां का और कैसा न्याय है? उनका साफ कहना है कि पचास लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।

मनीष की पत्नी मीनाक्षी और अन्य परिजनों ने गोरखपुर पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस ने उनके पति को मार डाला। अब वही केस की जांच करेंगे तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जांच में क्या होगा। अगर गोरखपुर पुलिस जांच करेगी तो न्याय नहीं हो पाएगा। इसलिए जांच कानपुर पुलिस को ट्रांसफर की जाए। सीबीआई से भी जांच कराई जाए। परिजनों ने हत्याकांड के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें मीनाक्षी ने क्या कहा?
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
मीनाक्षी का कहना है कि उनके पति की पिटाई की गई। आखिर किस कानून के तहत पुलिस कमरे में चेकिंग के नाम पर आधी रात घुस गई और फिर पिटाई कर पति को मार डाला। इस मामले की शिकायत सभी आला अफसरों से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस वालों ने समय से मनीष को अस्पताल भी नहीं पहुंचाया। उनकी मृत्यु होने के बाद दोस्तों ने घर पर जानकारी दी जिसके बाद सुबह पांच बजे परिजनों ने जानकारी दी और वह फिर आईं। मीनाक्षी का कहना है कि शव देखने से ही लग रहा है कि कितनी बेरहमी से पिटाई की गई है। शरीर पर कई जगह गहरे घाव इस बात की गवाही दे रहे हैं कि गिरने से नहीं, उन्हें पीटकर मारा गया है। मुझे इंसाफ चाहिए।

 
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मृत कारोबारी मनीष की पत्नी व बेटा। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं मीनाक्षी का फोन जैसे ही बज रहा है बेटे अविराज का सवाल अंदर तक झकझोर दे रहा है। पापा कहां हैं? उसका केवल यही कहना है कि मम्मी फोन बज रहा है, पापा का है, जरा बात करा दो। पापा कब आएंगे? उसके इस सवाल का न तो मां के पास कोई जवाब है और न ही उस मासूम को सबकुछ समझा पाना आसान है। बेटे की बात सुनने के बाद मीनाक्षी के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। इस पर बेटा यह भी पूछने लगता है कि मां रो क्यों रही हो? इसके बाद तो मां से रोते भी नहीं बन रहा था।

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मृतक व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला।
मीनाक्षी बताती हैं कि बड़े अरमानों से पति ने बेटे का नाम रखा था। बाहर जाने पर भी बेटे से बात किए बिना नहीं रहते थे। सोमवार रात में भी बेटे से उनकी बात हुई थी, लेकिन किसे पता था यह बातचीत आखिरी होगी। वहीं, बेटा पिता को खोजने के साथ बार-बार यह भी बोल रहा था कि मम्मी घर चलो, पापा आ गए होंगे। बेटे को देखने के बाद वहां पर मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं थीं।

 
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
ये है पूरा मामला
गुरुग्राम से दो दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने आए कानपुर के रियल इस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता (36) की सोमवार देर रात पुलिस की पिटाई से मौत हो गई। आरोप है कि जांच का विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। उनके दोस्तों को भी पीटा था। हालत खराब होने के बाद पुलिस मनीष को लेकर एक निजी अस्पताल गई थी, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से अकेले ही भेज दिया था, जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया।  बता दें कि मनीष की शादी मीनाक्षी से 2013 में हुई थी। दोनों का चार साल का बेटा अविराज है। मीनाक्षी का मायका भी कानपुर में है।
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