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मौत की दावत: रात में हंसते हुए गया था घर का एकलौता चिराग, सुबह मौत की खबर मिली तो परिवार में मचा कोहराम

Sat, 30 Oct 2021 02:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस व मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक युवक को दोस्त के घर दावत खाना महंगा पड़ गया। रात में दावत खाने के नाम पर घर से खुशी-खुशी निकला और सुबह होते ही एकलौते बेटे की मौत का पैगाम घर पहुंचा तो परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखें भर आईं। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि ईश्वर किसी को भी ऐसा दिन ना दिखाए।

गोरखपुर कैंट इलाके के भैरोपुर स्थित वीर बहादुरपुरम कॉलोनी में दोस्त के घर दावत खाने गए दुर्गेश (25) की गला कसकर हत्या कर दी गई। दोस्तों ने पुलिस को खुदकुशी की सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कमरे के पास स्थित सीढ़ी की रेलिंग से तार के सहारे दुर्गेश का शव लटक रहा था। उसके दोनों पैर आगे की ओर थे और बैठे होने की मुद्रा में शव था। तीन डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें गला कसकर हत्या की पुष्टि हुई है। इस दौरान पिता ने बेटे की हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाया।
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घटनास्थल पर पूछताछ करते एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला।
मेरे बेटे की हत्या गई है
दुर्गेश मां-बाप का एकलौता बेटा था। उसने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था। उसकी एक बहन है, जो बीएससी कर रही है। मृतक के पिता गोविंद गुप्ता ने कहा कि मेरा बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता है। उसकी तार से कसकर हत्या की गई है। वह घर से यहां इतनी दूर आकर खुदकुशी क्यों करेगा?
 
15 नवंबर को नौकरी करने दुबई जाने वाला था दुर्गेश
पिता गोविंद ने बताया कि दुर्गेश पढ़ने में बहुत होनहार था। उसने चेन्नई के तमिलनाडु स्थित एक एकेडमी से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था और बस्ती के कैप्टन सौरभ शुक्ला के माध्यम से वह नौकरी करने के लिए 15 नवंबर को दुबई जाने वाला था। वीजा व पासपोर्ट तैयार हो चुका था।
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घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर का है दोस्त अमृत
दुर्गेश के साथ उस मकान पर दावत में गया उसका मित्र अमृत मूल रूप से कुशीनगर के तमकुहीराज के चकनी खास गांव का रहने वाला है। वह एलएलबी कर रहा है। वहीं, यश मिश्रा बी. कॉम करने के बाद वर्तमान में प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
 
बाहर से बंद कर दिया था दरवाजा
मकान में दो कमरे बने हैं। एक में अमृत और दुर्गेश और दूसरे में यश था। पुलिस के मुताबिक, जिस कमरे में दुर्गेश था, उसे उसने बाहर से बंद कर दिया था। सुबह आंख खुलने पर अमृत ने शोर मचाया तो दूसरे कमरे से यश आया और दरवाजे की कुंडी खोली। दोस्तों ने बताया कि इसके बाद खोजा तो दुर्गेश का शव सीढ़ी के नीचे था और उसने खुदकुशी कर ली थी।

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मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
खुश था दुर्गेश, पैर जमीन पर मुड़ने से उठ रहा सवाल
खुदकुशी करने के लिए कोई ना कोई वजह तो होती ही है। खुद पिता भी यही सवाल उठा रहे है कि वह ऐसा क्यों करेगा? दावत में जाने से पहले दुर्गेश खुश था और दोस्तों का भी कहना है कि साथ में सबने खाना खाया था फिर दुर्गेश आखिर खुदकुशी क्यों कर लेगा? दूसरे उसका जमीन पर पैर मुड़ा होना भी सवाल खड़े कर रहा है। उस घर में ही दो दोस्त भी मौजूद थे, जो कोई आवाज के ना आने की बात बोल रहे हैं? पैर मुड़ना, दोस्त के घर खुदकुशी जैसे तमाम सवाल हैं, पुलिस जिनका जवाब तलाशने की कोशिश कर रही है।
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गोरखपुर के नए एसएसपी विपिन टांडा। - फोटो : अमर उजाला।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि दोस्तों ने पुलिस को खुदकुशी किए जाने की सूचना दी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फोरेंसिक टीम भी जांच में लगी है।

यहां हुई थी घटना
जानकारी के मुताबिक, वीरबहादुरपुरम कॉलोनी के जिस घर में लाश मिली, वह राजघाट के मियां बाजार की निवासी रजनी मिश्रा का है। मकान में कोई रहता नहीं है, कभी कभार रजनी का बेटा यश मिश्रा (26) व उसके दोस्त वहां आते रहते हैं। गुरुवार शाम करीब सात बजे यश अपने दोस्तों अमृत (26) और राजघाट के गीताप्रेस स्थित गुड़ियान टोला निवासी दुर्गेश गुप्ता के साथ वहां आया था। रात में उक्त मकान में दावत हुई थी। शुक्रवार सुबह दोस्तों ने डॉयल 112 पर दुर्गेश के खुदकुशी करने की सूचना पुलिस को दी थी। दुर्गेश के पिता गोविंद गुप्ता व मकान मालकिन रजनी मिश्रा को सूचना देकर बुलाया।  पुलिस के अनुसार, मौका-ए-वारदात पर दावत हुई थी। बिरयानी बनी थी। कुछ जूठी प्लेटें भी पड़ी थीं और दुर्गेश के गले में तार लिपटा था। 
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