कोरोना से डर तो लगता है, लेकिन क्या करें? ड्यूटी तो करनी ही है। तमाम मुश्किलों को झेलते हुए जो भी श्रमिक यहां आ रहे हैं उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाना भी तो हम सभी का कर्तव्य है। ये कहना है उन रोडवेज चालकों और परिचालकों का जो अपने घर-परिवार की चिंता को छोड़कर दूसरे प्रांतों से आ रहे श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है बावजूद इसके वे जान जोखिम में डालकर जो भी जिम्मेदारी मिल रही है उसका सही तरीके से निर्वहन कर रहे हैं।