कोरोना वायरस का स्वरूप कब बदल जाए इसका पता भी नहीं चल पा रहा है। अब तक छह से अधिक बार काेरोना वायरस की संरचना में बदलाव हुआ है। यह बदला स्वरूप वैक्सीन को भी चकमा दे रहा है। यही कारण है कि बूस्टर डोज लगवाने वाले भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इससे चिंतित विशेषज्ञों अब कह रहे हैं कि कोरोना वायरस सिस्टम से भी ज्यादा स्मार्ट हो गया है।
कोरोना वायरस की दस्तक एक बार फिर से जिले में हो गई है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि, इस बार मिले मरीजों में वायरस का कौन सा स्वरूप संक्रमण फैला रहा है, इसकी जानकारी अब तक नहीं हो पाई है। लेकिन पिछले दिनों मिले मरीजों में छह वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। इनमें कई सब वैरिएंट भी शामिल हैं, जो लोगों की मौत का कारण भी बने हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वायरस की संरचना में लगातार बदलाव हो रहा है। अब तक वायरस के छह वैरिएंट मिल चुके हैं। इनमें अल्फा, बीटा, डेल्टा, गामा और ओमिक्राॅन शामिल हैं। यह वैरिएंट इतने स्मार्ट हो गए हैं कि वैक्सीन भी इन पर असरदार साबित नहीं हो रही है। यही वजह है कि बूस्टर डोज लगवाने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। कुल मिलाकर यह वायरस सिस्टम से ज्यादा स्मार्ट हो गया है।