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राहत की खबर: वैक्सीन ने बचा दी 35 लोगों की जिंदगी, आईसीयू में हो गए थे कोरोना संक्रमित

Sat, 07 Aug 2021 08:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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टीकाकरण - फोटो : पीटीआई
कोरोना महामारी के बीच आई वैक्सीन लोगों की जिदंगी बचाने में मददगार है। वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमण का शिकार हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम के 35 लोगों में 32 लोगों ने घर पर ही रहकर जंग जीत ली। जबकि तीन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, लेकिन इन लोगों को वैक्सीन लगने की वजह से जान बच गई। डॉक्टरों का कहना है कि अगर वैक्सीन नहीं लगी होती तो कईयों की जान जा सकती थी। टीम के लोगों ने सलाह दी है कि वैक्सीन जरूर लगवाएं।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेहद खतरनाक थी। 45 दिनों के अंदर पूरे जिले में तबाही मच गई थी। इस बीच टीम के ऊपर कोरोना  जांच का दबाव भी ज्यादा था। हर दिन करीब 10 हजार जांचें की जा रहीं थी। इसी जांच के क्रम में एक-एक करके टीम के 35 सदस्य संक्रमित हो गए। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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टीका लगवाती युवती - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि राहत की बात यह रही है कि टीम के सभी सदस्यों ने हेल्थ वर्कर के तौर पर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा रखी थी। इसका नतीजा यह रहा कि कोरोना वायरस का असर शरीर पर बेहद कम हुआ। इनमें 32 लोगों ने घर पर रहकर ही कोरोना से जंग जीत ली। इसमें मैं खुद भी शामिल था। अगर वैक्सीन न लगी होती तो कईयों की जान जा सकती थी।  

 
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टीका लगवातीं युवतियां - फोटो : अमर उजाला
तीन लोगों को करना पड़ा था भर्ती
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से तीन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। लेकिन अच्छी बात यह रही है कि इन लोगों ने वैक्सीन लगवा रखी थी। इसकी वजह से इन्हें खतरा कम हुआ। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों की टीम इनका इलाज करती रही, लेकिन कोई भी अत्यधिक गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा।

 

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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
बीपी और शुगर के मरीज भी थे
कोरोना संक्रमण का शिकार हुए 35 लोगों में कुछ को शुगर और बीपी की शिकायतें भी थी। इसके बाद भी वह आसानी से कोरोना से जंग जीत लिए। अगर वैक्सीन नहीं लगती तो स्थितियां बिगड़ सकती थी।  

 
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
वैक्सीन न लगती तो कईयों की चली जाती जान
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अगर वैक्सीन न लगी होती तो कईयों की जान जा सकती थी। वैक्सीन की वजह से लोगों में संक्रमण का असर बेहद कम हुआ। सीटी वैल्यू केवल तीन मरीजों की 20 के नीचे रहीं। जबकि अन्य मरीजों की सीटी वैल्यू 25 के आसपास थी। इसका सीधा मतलब यह था कि यह लोग ज्यादा गंभीर नहीं हुए।

 
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वैक्सीन की डोज लेती युवती। - फोटो : अमर उजाला।
वैक्सीन हर हाल में लगवाएं
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। ऐसे में जो लोग वैक्सीन लगवाने की मानकों को पूरा करते हो वह हर हाल में वैक्सीन लगवाएं। वैक्सीन लगने के बाद से मरीज गंभीर स्थिति में जाने के कम चांस हैं।

 
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