कोरोना वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां जोरों पर है। पहले चरण में फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्कर के डाटा को कोविन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। करीब 25 हजार लोगों के डाटा पोर्टल पर अपलोड होने हैं। इसके बाद से बुजुर्गों के डाटा अपलोड किए जाएंगे। डाटा इकट्ठा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा, एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगाने की तैयारी में जुट गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : pixabay
पहले और दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर और हेल्थ वर्कर को कोरोना वैक्सीन लगने हैं। इसके लिए जिले के 700 से अधिक निजी और सरकारी अस्पतालों के कर्मियों की सूची विभाग की ओर से मांगी गई थी। इनमें करीब 25 हजार से अधिक लोगों की सूची तैयार भी हो चुकी हैं, जो कोविन पोर्टल पर अपलोड हो रही है।
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पोर्टल में स्वास्थ्य कर्मियों के नाम, पते, पारिवारिक विवरण की पूरी जानकारी अपलोड की जा रही है। एसीएमओ डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि पहले चरण और दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर और फ्रंट हेल्थ वर्कर को टीके लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में पोर्टल पर बुजुर्गों के डाटा अपलोड किए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित भी कर दिया गया है।
कौन सी वैक्सीन आएगी, इस पर फैसला नहीं
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि शासन कौन सी वैक्सीन उपलब्ध कराएगा, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिली है। वहीं, दूसरी ओर भारत बायोटेक के को-वैक्सीन की चर्चा जोरों पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि यही वैक्सीन लोगों को लगेगी।
सीएमओ ने बताया कि फाइजर वैक्सीन की भी चर्चा है। लेकिन उसे रखने के इंतजाम विशेष तौर पर करने होंगे। क्योंकि उसे माइनस 70 से 78 तापमान के बीच रखना होगा। जिसकी तैयारी विभाग की ओर से अब तक नहीं की गई है।