बीआरडी मेडिकल कॉलेज को जनवरी में कोरोना के वैक्सीन मिल जाएंगे। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि भारत बायोटेक के कोवैक्सीन मिलने की उम्मीद ज्यादा है। क्योंकि इसके रख-रखाव में ज्यादा दिक्कतें नहीं है। जबकि फाइजर वैक्सीन के लिए कम से कम माइनस 70 से 80 के बीच तापमान होना जरूरी है। ऐसे में इसके लिए अलग से स्पेशल फ्रीजर मंगाने होंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : pixabay
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीन लगाने का अभियान जनवरी माह से शुरू होने की उम्मीद है। यही वजह है कि शासन वैक्सीन आने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लेना चाहता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर करीब 26 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की सूची भी कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
साथ ही सीएमओ कार्यालय के पीछे एक स्पेशल कमरा भी लगभग बनकर तैयार हो गया है, जिसमें वैक्सीन रखा जाना है। इन सबके बीच बीआरडी ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। जनवरी माह में बीआरडी को वैक्सीन मिल जाएंगे।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि बीआरडी को अलग से शासन की ओर से वैक्सीन उपलब्ध कराया जाएगा। यही वजह है कि दोनों जगहों पर अलग-अलग तैयारियां हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि जनवरी में बीआरडी को वैक्सीन मिल जाएंगे। वैक्सीन की मात्रा कितनी होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं है।
भारत बॉयोटेक के कोवैक्सीन आने की उम्मीद ज्यादा
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि ज्यादा उम्मीद भारत बॉयोटेक के कोवैक्सीन के आने की है। इसी वैक्सीन के अनुसार तैयारी भी है। हालांकि फाइजर वैक्सीन की भी चर्चा है। लेकिन इसकी उम्मीदें कम हैं। क्योंकि फाइजर कंपनी के वैक्सीन के रखने को लेकर ज्यादा इंतजाम की जरूरत है।