देश में कोरोनारोधी टीका लगवाने वालों की संख्या गुरुवार को सौ करोड़ से ज्यादा हो गई। वहीं गोरखपुर जिले में 40 गांव ऐसे हैं जहां 18 वर्ष की आयु से अधिक हर किसी ने कोरोना की दोनों डोज लगवाई है। इन गांवों के लोगों की जागरूकता सभी के लिए नजीर है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक खजनी ब्लॉक के 38 और सरदारनगर के दो गांवों में सौ फीसदी टीकाकरण हो चुका है। हालांकि 300 से ज्यादा गांव ऐसे हैं जहां सभी लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि कोरोना के प्रति लोगों में काफी जागरूकता आई है। जिन गांवों में पहली डोज भी लग चुकी है उसे वैक्सीनेशन से संतृप्त गांव माना गया है।
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गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
बसडीला के जगमोहन शुक्ला ने बताया कि गांव में 950 पुरुष व 850 महिलाएं हैं। कोरोना के कहर से सभी गांव वाले भयभीत थे। जब कोरोना का टीका आया तो गांव में जागरूकता अभियान चला कर एक-एक घर हम लोग गए। लोगों को जागरूक किया गया। यही वजह है कि गांव में सौ प्रतिशत लोगों को टीका लग चुका है। टीका लगने के बाद भी हम लोग कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हैं।
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दीनानाथ तिवारी
- फोटो : अमर उजाला।
बसडीला के दीनानाथ तिवारी ने बताया कि गांव की आबादी 2200 है। कोरोना की भयावहता को देखने के बाद गांव में हर कोई टीका लगवाने को पहुंचा। कुछ लोगों के मन में थोड़ा संशय था तो उनसे बातचीत करके भ्रांति दूर की गई। हमें खुशी है कि पूरे गांव के लोगों ने टीकाकरण कराकर स्वयं के साथ ही गांव के लोगों का जीवन सुरक्षित किया है। गांव 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर भी टीका लगवाने को लेकर उत्सुक हैं।
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अरविंद कुमार
- फोटो : अमर उजाला।
शिवपुर के अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना से हम लोग घरों में ही कैद हो गए थे। इस बीमारी से किस तरह लोग परेशान थे यह भला कौन भूला है। जैसे ही कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ सभी लोगों ने लाइनों में लगकर टीका लगवाया। गांव में अब कोई नहीं बचा है जिसे दोनों डोज न लगी हो। कुछ लोग बाहर रहते हैं, उन्होंने भी लगवा ली है।
शिवपुर के रामेश्वर निषाद ने बताया कि गांव की आबादी करीब चार हजार है। जिसमें करीब 2710 लोग 18 वर्ष से ऊपर के हैं। खुशी है कि सभी लोगों ने सरकार की गाइड लाइन का पालन किया। बूथों पर जाकर टीका लगवाया। पूरा गांव सौ फीसदी टीकाकरण वाला हो गया है। अब कोरोना का खौफ नहीं रह गया है।