गोरखपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए जारी कोविड प्रोटोकॉल को लेकर लापरवाही इंतहा से भी ज्यादा है। यात्रियों को मास्क से परहेज है, सैनिटाइजर का इस्तेमाल तो वे भूल ही गए हैं। यात्री लापरवाह तो जिम्मेदार भी बेपरवाह, कोरोना संक्रमण और मास्क की जांच में सिर्फ खानापूरी की जा रही है। अमर उजाला संवाददाता ने रेलवे स्टेशन पर कोविड प्रोटोकॉल की पालन को लेकर पड़ताल की, इस दौरान कहीं भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होता नहीं दिखा।
मास्क जेब में और सामाजिक दूरी भी नहीं
रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म दो पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे। परिसर में कुछ युवा सटकर ही बैठे थे। मास्क चेहरे के बजाय जेब में था। संवाददाता ने कैंपियरगंज के सुनील पासवान और राजेश से मास्क न लगाने की वजह पूछी तो बोले, कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लिए हैं। हमें अब कोरोना नहीं होगा। जब उन्हें बताया गया कि बिना मास्क 100 रुपये जुर्माना भी वसूला जा सकता है तो उन्होंने जेब से मास्क निकाला और लगा लिया।