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मौत को दावत: रेलवे स्टेशन और ट्रेन में बरती जा रही लापरवाही पड़ सकती है भारी, यात्री लापरवाह तो जिम्मेदार भी हैं बेपरवाह

Fri, 07 Jan 2022 03:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क दिख रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए जारी कोविड प्रोटोकॉल को लेकर लापरवाही इंतहा से भी ज्यादा है। यात्रियों को मास्क से परहेज है, सैनिटाइजर का इस्तेमाल तो वे भूल ही गए हैं। यात्री लापरवाह तो जिम्मेदार भी बेपरवाह, कोरोना संक्रमण और मास्क की जांच में सिर्फ खानापूरी की जा रही है। अमर उजाला संवाददाता ने रेलवे स्टेशन पर कोविड प्रोटोकॉल की पालन को लेकर पड़ताल की, इस दौरान कहीं भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होता नहीं दिखा।
 

मास्क जेब में और सामाजिक दूरी भी नहीं

रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म दो पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे। परिसर में कुछ युवा सटकर ही बैठे थे। मास्क चेहरे के बजाय जेब में था। संवाददाता ने कैंपियरगंज के सुनील पासवान और राजेश से मास्क न लगाने की वजह पूछी तो बोले, कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लिए हैं। हमें अब कोरोना नहीं होगा। जब उन्हें बताया गया कि बिना मास्क 100 रुपये जुर्माना भी वसूला जा सकता है तो उन्होंने जेब से मास्क निकाला और लगा लिया। 
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मास्क न लगाने पर चालान। - फोटो : अमर उजाला।

ट्रेन में भी सतर्कता नहीं

ट्रेन में बैठने के बाद यात्री और लापरवाह हो जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म नौ पर हिसार जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस खड़ी थी। जनरल कोच में यात्री बैठे थे और ज्यादातर ने मास्क को चेहरे से हटा लिया था। कुछ लोगों ने तो मास्क लगाया भी नहीं था।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क दिख रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला।

पकड़े जाने पर धौंस देने की कोशिश

मास्क को लेकर रेलवे स्टेशन में जांच की खानापूरी हो रही है, वहीं लोगों में भी डर नहीं है। जांच टीम को देखते ही यात्री मास्क लगा ले रहे थे। शुक्रवार को बीच वाले फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर जांच टीम ने दो यात्रियों को पकड़ा था। यात्री नीरज ने तो पहले किसी फोन कराकर धौंस देने की कोशिश की, लेकिन काम नहीं बना। टीम ने उनसे जुर्माना वसूल लिया। अपराह्न साढ़े तीन बजे तक टीम ने 60 लोगों से जुर्माना वसूला था।

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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क दिख रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला।

रोकटोक भी नहीं, मशीनें बनीं शो-पीस

रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश द्वार पर किसी प्रकार की रोकटोक नहीं है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कई ऑटोमेटिक मशीनें लगाई गईं हैं, जो शो-पीस बनकर ही रह गईं हैं। फर्स्ट क्लास गेट पर ऑटोमेटिक टिकट चेक मशीन लगी है। लेकिन, रेल प्रशासन ने किसी कर्मचारी को तैनात नहीं किया है। वहीं ऑटो सैनिटाइजर मशीनें भी लगी हैं। लेकिन, काम नहीं कर रही हैं।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन के कोविड जांच काउंटर पर किसी की मौजूदगी नहीं। - फोटो : अमर उजाला।

कोरोना की जांच कराने से भी परहेज

कोरोना की जांच के लिए, रेलवे स्टेशन का पूछताछ केंद्र, बूथ बनाया गया है। अपराह्न तीन बजे बूथ पर कोई भी कर्मचारी नहीं था। एक रजिस्टर रखा था, जिसमें जांच कराने वाले 65 लोगों के नाम दर्ज थे। कुछ देर बाद एक स्वास्थ्यकर्मी आया। उनका कहना था कि किसी से जबरदस्ती कर नहीं सकते हैं। जो लोग आ रहे हैं, उनकी जांच की जा रही है। वहीं, एक एंबुलेंस भी खड़ी थी, जिसमें 82 यात्रियों की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
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