फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं है ये लक्षण, यहां पढ़िए विशेषज्ञों की खास सलाह

Sun, 13 Dec 2020 11:32 AM IST
vivek shukla नीरज मिश्र, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना के संक्रमण के बाद यदि सूंघने और स्वाद की क्षमता कम हो गई है तो आपके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है। आप गंभीर स्थिति में पहुंचेंगे इसकी आशंका कम है। जिले में अब तक संक्रमित हुए जिन भी लोगों में ये क्षमताएं कम हो गईं थीं, उनमें से किसी की भी जान नहीं गई। ऐसे मरीजों की संख्या 30 से 40 प्रतिशत रही है।
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मरीज तीन से चार सप्ताह में ठीक हो गए। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि जिले में अब तक हर तरह के लक्षण वाले मरीज मिल चुके हैं, लेकिन जिनमें स्वाद और सुगंध की क्षमता कम हो गई थी, उन्हें आईसीयू में भर्ती नहीं करना पड़ा।
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना टेस्ट के लिए नमूना एकत्र करता स्वास्थ्य कर्मी।(फाइल) - फोटो : PTI
30 से 40 फीसदी मरीजों में यह लक्षण
डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि मौजूदा समय में जो मरीज मिल रहे हैं उनमें ज्यादातर लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह लक्षण मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
डॉक्टरों से सलाह जरूर लें
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वायरस के म्युटेशन से लक्षणों का बदलाव संभव है। वायरस सेंस से जुड़े नर्व को प्रभावित करता है। इसलिए आमतौर पर स्वाद और सुगंध का पता नहीं चल पाता है। यह लक्षण सर्दियों में साइनोसाइटिस जैसे मामलों में भी हो सकते हैं। इसके अलावा ब्रेन ट्यूमर में भी इस तरह के लक्षण नजर आते हैं। ऐसी स्थिति होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : पीटीआई
330 की मौत, एक में भी स्वाद और सुगंध के लक्षण नहीं थे
कोरोना संक्रमण से अब तक जिले में 330 लोगों की जान जा चुकी है। खास बात यह है कि इनमें से एक भी मरीज को स्वाद और सुगंध जाने के लक्षण नहीं मिले थे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जिन मरीजों की मौत हुई है, उनमें 70 प्रतिशत के आसपास शुगर सहित अन्य गंभीर बीमारियां से ग्रसित थे। ऐसे किसी मरीज में स्वाद और सुगंध जाने के मामले नहीं मिले। स्वाद और सुगंध की क्षमता कम होने के लक्षण जिन मरीजों में मिले वे जल्द स्वस्थ हो गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें