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कोरोना का कहर: 17 लाख खर्च किया फिर भी नहीं बची दंपती की जान, डेढ़ साल के मासूम ने दी मुखाग्नि तो रो पड़े लोग

Sun, 25 Apr 2021 06:50 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना के बढ़ते मामले के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां दंपती को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए एक हफ्ते में 17 लाख रुपये खर्च कर दिए लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। शनिवार को एक साथ दंपती का दाह-संस्कार किया गया। दंपती की छह वर्ष की बेटी और डेढ़ वर्ष का बेटा भी संक्रमित है। उसी दुधमुंहे से माता-पिता को मुखाग्नि दिलाई गई तो घाट पर मौजूद लोग रो पड़े। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर क्षेत्र के शताब्दीपुरम कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय अजय जायसवाल और उनकी पत्नी 35 वर्षीय अंशिका जायसवाल एक हफ्ते पहले कोरोना पॉजीटिव पाए गए थे। इसके बाद उनकी छह वर्षीय बेटी गुनगुन और डेढ़ वर्षीय बेटे आनंद की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
बच्चों की स्थिति सामान्य होने के कारण उन्हें घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया जबकि अजय और अंशिका को राजेंद्र नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में उनके सीने में 70 प्रतिशत संक्रमण पाया गया था। जिसके बाद वहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। 

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
20 अप्रैल को विश्वविद्यालय के निकट स्थित एक अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। जांच रिपोर्ट को परिजनों ने अमेरिका के एक बड़े अस्पताल से भी परामर्श लिया था। स्थिति को गंभीर देखते हुए इलाज में पैसा पानी की तरह बहाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार को दोपहर में पत्नी ने दम तोड़ा तो शाम को अजय ने भी अंतिम सांस ली। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
एक वर्ष के संक्रमित बेटे ने दी मुखाग्नि 
शनिवार को दंपति का दाह-संस्कार राजघाट पर हुआ। डेढ़ वर्ष के बेटे ने माता-पिता की चिता को मुखाग्नि दी। बेटा आनंद खुद भी संक्रमित है लेकिन पिता के दाह संस्कार के लिए उसे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत राजघाट पर ले जाया गया। जब बच्चा अपने माता-पिता को मुखाग्नि दे रहा था तब मंजर देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा था।
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