मौसम में तब्दीली से तापमान गिरने के कारण सर्दी, जुकाम का प्रकोप बढ़ गया है। कोरोना संक्रमण के माहौल में सर्दी जुकाम से ग्रस्त हो रहे लोग खौफजदा हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक सर्दी जुकाम से परेशान न होने और कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए इसका इलाज कराने की सलाह दी है।
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गोरखपुर में बारिश का मौसम।
- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
कई दिन से कड़क धूप के बाद मंगलवार को बूंदाबांदी और ठंडी हवाएं चलने के कारण तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हवा में ठंडक आने के कारण कई लोगों में नाक चोक होने और गले में खराश की शिकायत हो गई। कुछ लोगों को हल्का बुखार भी आया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
चिकित्सकों के अनुसार मौसम बदलने पर या तापमान में उतार चढ़ाव होने से सर्दी, जुकाम की शिकायत आम बात है। अमूमन यह समस्या तीन से चार दिन रहती है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पिए, विटामिन सी, नीबू की चाय का प्रयोग करे तो समस्या खत्म हो जाएगी। बुखार आने पर पैरासिटीमॉल के साथ एंटी एलर्जी दवाएं चिकित्सक के परामर्श से ली जा सकती हैं। जिला अस्पताल के डॉ. बीके सुमन बताते हैं कि मौसम बदलने पर इस तरह की समस्याएं आम हैं, कोरोना संक्रमण के कारण लोगों में इसका भय है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
साधारण सर्दी जुकाम को न समझें कोरोना
साधारण सर्दी बुखार और कोरोना के बहुत से लक्षण समान हैं लेकिन कई विभिन्नताएं भी हैं। डॉ. बीके सुमन के अनुसार सर्दी जुकाम, बुखार के लक्षण एक से चार दिन में सामने आते हैं जबकि कोरोना के लक्षण एक से चौदह दिन में विकसित होते हैं। सर्दी जुकाम के लक्षण पांच से सात दिन में खत्म हो जाते हैं इसके विपरीत कोरोना में यह लक्षण लगातार बढ़ते जाते हैं। यदि ऐसा है तो तुरंत जांच कराएं।
डॉ. बीके सुमन ने बताया कि कोरोना में बुखार के साथ ही व्यक्ति के स्वाद और सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है, यदि ऐसा नहीं है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। छींक आना भी कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। छींक सिर्फ सर्दी जुकाम के मरीज को ही आती है। हां खांसी के साथ ही तेज बुखार, उल्टी, दस्त, सिर में तेज दर्द, बेहद कमजोरी होना कोरोना के लक्षण हैं यदि ऐसा है तो जांच करा लेनी चाहिए।