गोरखपुर खाद कारखाना का निरीक्षण करते सीएम योगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश का यह क्षेत्र इंसेफेलाइटिस से प्रभावित रहा है। 1977 से 2016 तक प्रतिवर्ष यहां 1200 से 1500 बच्चे अकेले मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ देते थे। इतनी ही मौतों की संख्या घरों व गांवों में होती थी। 2017 से राज्य सरकाजर ने स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाकर समन्वित प्रयास से इस बीमारी पर काबू पाया। इंसेफेलाइटिस पर नकेल के लिए हर घर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय देकर खुले में शौच को रोका गया, साथ ही शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।आज इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या में 75 फीसद और इससे होने वाली मौतों की संख्या में 95 फीसद कमी आई है।