योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
यह कहानी सीएम योगी आदित्यनाथ और महंत अवैद्यनाथ की पहली मुलाकात की है। बात अक्टूबर 1993 की है, महंत अवैद्यनाथ दिल्ली एम्स अस्पताल में हृदयरोग विभाग में इलाज करवा रहे थे। इस दौरान संक्षिप्त निंद्रा में अपनी आंख खोली तो देखा, सामने योगी खड़े थें। उनके चेहरे पर फीकी मुस्कान दौड़ पड़ी। उनकी आंखें, हालांकि अभी भी वही सवाल पूछ रही थीं, जो उन्होंने कुछ महीने पहले ही पौढ़ी के इस युवा से पूछी थी, 'क्या तुम मेरे शिष्य बनोगें?' उस समय योगी ने विनम्रता पूर्वक इनका प्रस्ताव ठुकरा दिया था।