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CoronaVirus in Gorakhpur: कोरोना को मात देने में सीएम योगी के इस कॉलेज ने लगाई ताकत, घर-घर पहुंचाया ये खास हथियार

Tue, 07 Apr 2020 11:54 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर, यूपी में कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के रसायन विज्ञान विभाग के लैब में सैनिटाइजर बनाया जा रहा है। इसे कॉलेज द्वारा गोद लिए गांव मंझरियां के लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। सोमवार को 100-100 एमएल की पैकिंग में इन सैनिटाइजर को गांव में बांटा गया। सप्ताह बीतने पर दूसरी बार गांव के लोग खाली शीशी लेकर आएंगे, जिसमें रीफिल किया जाएगा।
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गोरखपुर, यूपी में कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला
एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के बीएड विभाग ने इस गांव को पिछले साल गोद लिया था। कॉलेज के छात्र वहां लगातार साक्षरता, स्वच्छता और स्वास्थ्य रक्षा जैसे कार्यक्रम चलाते हैं। अब लॉकडाउन में कॉलेज की ओर से सैनिटाइजर देने के साथ ही गांववालों से बार-बार हाथ धोने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और लॉकडाउन में घर से बाहर न निकलने का संकल्प भी कराया जा रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने कहा कि गांववालों को कोरोना से बचाने के लिए जितना सैनिटाइजर चाहिए, कॉलेज उन्हें मुफ्त मुहैया कराएगा।

 
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गोरखपुर, यूपी में कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला
पूर्व छात्र तैयार कर रहे सैनिटाइजर
सैनिटाइजर कॉलेज के पूर्व छात्र मनीष कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में तैयार हो रहा है। उनकी मदद में कॉलेज के सुबोध मिश्र, विनय कुमार सिंह, नीलांक राव और ओमप्रकाश निषाद लगे हैं। पिछले दो दिनों में इन लोगों ने सौ-सौ एमएल की ढाई सौ शीशी सैनिटाइजर तैयार कर दिया है।

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गोरखपुर, यूपी में कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के डॉ. वी रामानाथन ने बताई तकनीक
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि उन्हें पता चला कि बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. वी. रामानाथन ने विभाग में 127 लीटर सैनिटाइजर तैयार कर वाराणसी नगर निगम को दिया था। उन्होंने डॉ. वी. रामानाथन से बात की। डॉ. रामानाथन एमपी पीजी कॉलेज की परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी हैं। डॉ. रामानाथन ने न सिर्फ सैनिटाइजर बनाने की तकनीक बताई, बल्कि एक एक्सपर्ट मनीष कुमार त्रिपाठी को भी भेज दिए। मनीष, डॉ. रामानाथन के मार्गदर्शन में शोध कर रहे हैं और लॉकडाउन के पहले से गोरखपुर में थे। मनीष की स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई एमपी पीजी कॉलेज से हुई है।

 
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गोरखपुर, यूपी में कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला
अल्कोहल आधारित है सैनिटाइजर, पूरी तरह से है सुरक्षित
एमपीपीजी में बन रहा सैनिटाइजर अल्कोहल आधारित है जो कोरोना वायरस को खत्म करने में कारगर माना जा रहा है। मनीष के मुताबिक, इसमें निश्चित मात्रा में आइसोप्रोफाइल अल्कोहल, हाइड्रोजन पराक्साइड और ग्लीसरॉल मिलाया गया है। उन्होंने बताया कि सैनिटाइजर को बनाने में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों का पालन किया जा रहा है, जो पूरी तरह से सुरक्षित है।

पैकिंग में महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेदिक चिकित्सालय ने की मदद
कॉलेज की प्रयोगशाला में तैयार सैनिटाइजर की पैकिंग में गोरक्षपीठ के महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेदिक चिकित्सालय ने मदद की। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि अधीक्षक डॉ. डीपी सिंह ने उन्हें 100 एमएल की शीशी उपलब्ध कराई।
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