रात में जैसे ही घड़ी की सूई नौ पर पहुंची, लोगों ने घरों की बत्तियां बुझाकर कोरोना वायरस के अंधेरे को परास्त करने के लिए उम्मीदों के दीपक जलाने शुरू किए। प्रधानमंत्री के आह्वान पर जाति, धर्म और मजहब की दीवारें टूट गईं। नौ मिनट तक समूचे शहर में छतों और बालकनी में खड़े होकर मोमबत्ती, टार्च और मोबाइल फ्लैश जलाकर एकता का संदेश दिया। इस दौरान पटाखे फूटे, आतिशबाजी हुई और जय श्रीराम के नारे भी लगे। खास बात यह रही कि इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखा।
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कमिश्नर जयंत नार्लीकर अपने परिवार व स्टाफ के साथ।
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लॉकडाउन के बीच शहर के लोगों ने गजब का अनुशासन दिखाया। लक्ष्मण रेखा नहीं लांघी और घरों से ही सामूहिक शक्ति प्रदर्शन वाले इस यज्ञ में अपनी आहुति दी। अंबेश्वरी पैराडाइज, जैमिनी पैराडाइज, आर्चीड ग्रीन, सहारा इस्टेट, वसंधुरा इन्क्लेव सहित शहर की बहुमंजिली इमारतों में गजब का नजारा दिखा। हर माले पर लोग परिवार के साथ खड़े होकर दीपक, मोमबत्ती और मोबाइल का फ्लैश जलाकर प्रधानमंत्री के आहवान का समर्थन कर रहे थे।
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महापौर सीताराम जायसवाल व परिवार के अन्य सदस्य।
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मेयर सीताराम जायसवाल, पूर्व मंत्री शिव प्रताप शुक्ल, नगर विधायक डा राधा मोहन दास अग्रवाल, पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी, सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह, कमिश्नर जयंत नार्लिकर, एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, डीआईजी राजेश मोदक, जीडीए वीसी अनुज सिंह और उनकी पत्नी सीडीओ हर्षिता माथुर सहित शहर के गणमान्य और आम लोगों ने कोरोना वायरस को घरों में रहते हुए परास्त करने का संकल्प लिया।
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दीपक जलाते नगर विधायक आरएमडी अग्रवाल साथ में पत्नी व बेटी।
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राजकिशोर गुप्ता के साथ अपार्टमेट के अन्य लोगों ने फ्लैट की बालकनी से ही दीया जलाया। जैमिनी गार्डेनिया के अपार्टमेंट का भी यही हाल रहा। अजय अग्रवाल अपने परिवार के साथ घर की बालकनी, घर के चौखट पर थे। बच्चे मोबाइल के फ्लैश लाइट के साथ पत्नी स्वेता अग्रवाल दीए से उजाला कर रहे थे।
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गोरखनाथ मंदिर में जलाया गया दीया।
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रास्तों में रुककर गाड़ी की लाइट जलाई
रात नौ बजे जो लोग घरों पर नहीं थे, उन्होंने कार और बाइक की लाइट जलाकर कोरोना वायरस को हराने के लिए एकजुटता का संदेश दिया। सीओ गोरखनाथ प्रवीन सिंह ने रास्ते में ही रुक कर गाड़ी की लाइट को नौ मिनट तक जलाकर अपना समर्थन दिया। वहीं चौराहों पर ड्यूटी रहे पुलिस वालों ने मोबाइल का फ्लैश जलाकर एकजुटता का संदेश दिया।
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होली के एक माह के भीतर दिवाली
शहर में रात 9 बजे के बाद 9 मिनट तक अपार्टमेंट के नजारे देखने वाले थे। ऊंची ऊंची गगनचूंबी इमारतों की बालकनी, छत पर दीपक, मोमबत्ती की झिलमिलाती रोशनी और उस पर जगह-जगह छुड़ाए जा रहे पटाखे दीपावली का नजारा प्रस्तुत कर रहे थे। इसी के बीच लोगों ने कोरोना के खौफ को जल्द ही खत्म करने का संकल्प लिया।
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रात 9 बजे से पहले ही शहर के सभी प्रमुख अपार्टमेंट में लोग दीपक की रोशनी से कोरोना के अंधकार को भगाने के लिए तैयार हो गए। बेतियाहाता के अंबेश्वरी अपार्टमेंट में रहने वाले अमित जगनानी सुबह से ही रात 9 बजे को लेकर बेचैन थे। रात 9 बजते बजते घर के सभी सदस्यों के साथ उचित दूरी बनाकर दीपक की रोशनी से उजाला कर दिया।
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श्रीजी अपार्टमेंट का नजार भी कुछ ऐसा ही था। अपार्टमेंट के राजकिशोर गुप्ता के साथ अपार्टमेट के अन्य लोगों ने फ्लैट की बालकनी से ही दीपक जलाना शुरू कर दिया। जैमिनी गार्डेनिया के अपार्टमेंट का भी यही हाल रहा। अजय अग्रवाल अपने परिवार के साथ घर की बालकनी में थे। बच्चे मोबाइल की फ्लैश लाइट तो पत्नी श्वेता अग्रवाल दीपक से उजाला कर रही थीं।
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बसंत इंक्लेव के रवि जालान भी सुबह से ही रात का इंतजार कर रहे थे। बताया घर की बालकनी पर परिवार के सदस्यों के साथ 9 बजे 9 मिनट तक 9 मोमबत्ती जलाकर पीएम मोदी के आह्वान का समर्थन किया। ऐसा ही हाल, सिटी रिगाला, वसुंधरा अपार्टमेंट, सराफा रेजीडेंसी का भी हाल यही रहा।
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सीडीओ हर्षिता माथुर व उनके पति जीडीए के उपाध्यक्ष अनुज सिंह।
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9 बजे 9 मिनट में 40 मेगावाट आपूर्ति हुई कम
मिनट तक सामान्य खपत की तुलना में तकरीबन 40 मेगावाट बिजली के लोड की कमी आई। लेकिन पारेषण केंद्र से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। तय समय में शहरवासियों से लेकर गांव, कस्बे सभी जगह लोगों ने घरों की बिजली बंद कर दी। पहले आशंका व्यक्त की गई थी कि इससे ब्लैक आउट हो सकता है और लोड कम होने पर फाल्ट होने की आशंका है। ऐसे में सुबह से ही पारेषण और वितरण केंद्र के सभी लोग ट्रांसमिशन पर तैनात थे।
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सदर सांसद रवि किशन।
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रात 8 बजे से लेकर सबकी तैनाती 10 बजे तक की गई थी। मुख्य अभियंता वितरण देवेंद्र सिंह और पारेषण पीएन उपाध्याय भी ट्रांसमिशन पर तैनात थे। पीएन उपाध्याय ने बताया कि सामान्य दिनों की तरह रविवार सुबह से उत्तर पूर्वी पारेषण केंद्र पर 250 मेगावाट का लोड था। रात 9 बजे जब लोगों ने घरों की बिजली बंद की तो लोड 210 मेगावाट हो गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसी प्रकार का फाल्ट नहीं हुआ और न ही ट्रांसमिशन से किसी लाइन पर लोड प्रभावी हुआ।
खाली मैदान में लग गई आग
रात 9 बजे जब लोग घरों की छत पर, बालकनी में दीपक जला रहे थे उसी बीत अचानक जगन्नाथपुर के खाली मैदान में आग लग गई। किसी ने पटाखा जलाकर खाली मैदान पर फेंक दिया। इससे मैदान में रखी सूखी लकड़ियों में आग लग गई। आग धू-धू कर जलने लगी। किसी ने इसकी सूचना 112 नंबर पर फोन कर दी। इसी बीच आसपास के लोगों ने घरों से पानी फेंकना शुरू कर दिया। मुहल्ले के अंकित तिवारी, योगेश प्रताप सिंह, देवेश सिंह, अनिमेश, सुमित, अंगद, गणेश समेत दर्जनों लोगों ने आग पर पानी फेंक किसी तरह आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया।